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Earth Vs Space: 9 जून को अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच होगा शतरंज का महामुकाबला

June 06th, 2020 13:04 IST
Earth Vs Space: 9 जून को अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच होगा शतरंज का महामुकाबला

हाईलाइट

  • अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच शतरंज का महाकमुकाबला
  • अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच पहले मुकाबले की 50वीं एनिवर्सरी पर आयोजित होगा
  • खेल का लाइव प्रसारण 9 जून को रूसी समय से 12 बजे से किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच शतरंज का महाकमुकाबला होने जा रहा है। 9 जून 1970 को पहली बार पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच खेले गए शतरंज के मुकाबले की 50वीं एनिवर्सरी पर यह आयोजित होगा। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से कॉस्मोनॉट्स अनातोली इविनेशिन और इवान वैगनर जबकि पृथ्वी से 30 साल के रूसी खिलाड़ी सर्जेई कर्जेकिन शामिल होंगे। खेल का लाइव प्रसारण रूसी समय से 12 बजे से किया जाएगा। इसकी लाइव स्ट्रीमिंग रूसी और अंग्रेजी में की जाएगी। 

तीसरी बार हो रहा अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच मुकाबला
यह तीसरा मौका होगा जब अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच यह अनोखा मुकाबला खेला जाएगा। 15 मिनट के इस मुकाबले में अनातोली और वैगनर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अपनी चाल चलेंगे जबकि कारजाकिन मॉस्को म्यूजियम ऑफ़ कॉस्मोनॉटिक्स से खेलेंगे। 9 जून 1970 को जब पहली बार पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच शतरंज का मुकाबला हुआ था तो वह ड्रा रहा था। इस मुकाबले में अंतरिक्ष से सोयुज -9 सी के पायलट-कॉस्मोनॉट एंड्रीयन ग्रिगोरीविच निकोलेव और विटाली इवानोविच सेशियानोव ने हिस्सा लिया था। जबकि पृथ्वी के प्रतिनिधियों के रूप में निकोलाई पेत्रोविच कामैनिन और पायलट-कॉस्मोनॉट विक्टर गोरबाटको ने शिरकत की थी। दूसरा मुकाबला साल 2008 में खेला गया था जिसमें पृथ्वी की जीत हुईं थी। 

रैपिड और ब्लिट्ज चैंपियन रह चुके है सर्जेई कर्जेकिन
इस बार पृथ्वी से इंटरनेशनल स्पस स्टेशन के कॉस्मोनॉट्स के साथ मुकाबला खेलने जा रहे सर्जेई कर्जेकिन रैपिड और ब्लिट्ज चैंपियन रह चुके है। साथ ही शतरंज के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए सर्जेई कर्जेकिन ने कहा, 'मुझे यकीन है कि यह मेरे लिए कभी न भूलने वाले मुकाबलों में से एक होगा। मैं कॉस्मोनॉट्स की प्रशंसा करता हूं क्योंकि वही असली हीरो हैं। मुझे पता है कि वह जहां से यह खेल खेलेंगे, वहां से इसे खेलना आसान नहीं होगा।' सर्जेई कर्जेकिन का जन्म जनवरी 1990 को यूक्रेन में हुआ था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।