भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन जहाज पहुंचे मालदीव, समुद्री सहयोग है उद्देश्य

भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन जहाज पहुंचे मालदीव, समुद्री सहयोग है उद्देश्य
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन पोत मालदीव की राजधानी माले के तट पर पहुंचे हैं। नौसेना के इन जहाजों में आईएनएस तीर व आईएनएस सुजाता शामिल हैं। इनके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल का जहाज आईसीजीएस सारथी मालदीव पहुंच चुका हैं।

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन पोत मालदीव की राजधानी माले के तट पर पहुंचे हैं। नौसेना के इन जहाजों में आईएनएस तीर व आईएनएस सुजाता शामिल हैं। इनके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल का जहाज आईसीजीएस सारथी मालदीव पहुंच चुका हैं।

ये तीनों समुद्री जहाज लंबी दूरी के प्रशिक्षण अभियान के तहत मालदीव पहुंचे हैं। यहां पहुंचने पर मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल ने भारतीय पोतों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और क्षेत्रीय संबंधों को दर्शाती है। ये समुद्री जहाज नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन से हैं।

इस यात्रा के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल के प्रमुख और मालदीव तटरक्षक बल के कमांडेंट से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच बातचीत में भारतीय नौसेना और मालदीव के रक्षा बलों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और समुद्री क्षेत्र में बहुआयामी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम से भी मुलाकात की। वहीं, प्रशिक्षण के तहत भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु, मालदीव के गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे। इस दौरान उन्हें मालदीव के प्रशिक्षण संस्थान और वहां की गतिविधियों को समझने का अवसर मिला। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच आपसी तालमेल और मित्रता बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

नौसेना के मुताबिक, इन गतिविधियों में एक-दूसरे के पोतों का दौरा व खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं। साथ ही सामाजिक मेल-मिलाप और जनसंपर्क से जुड़ी गतिविधियां भी इस अभियान का हिस्सा हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच आपसी समझ और सहयोग को और मजबूत करना है।

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में बेहतर तालमेल और बढ़ते सहयोग को रेखांकित करती है। यह अभियान 'महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) की परिकल्पना के अनुरूप है। इसके माध्यम से भारत हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदार देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय तटरक्षक और नौसेना के समुद्री जहाज सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का दौरा कर चुके हैं। यहां भारतीय नौसेना के जवान और अधिकारियों ने मेजबान देशों की नौसेनाओं के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास भी किए हैं। भारतीय नौसेना का फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (1टीएस) दक्षिण पूर्व एशिया में तैनाती पर था। इनमें भारतीय नौसेना का आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दूल, आईएनएस सुजाता और तटरक्षक पोत सारथी शामिल था।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   22 Oct 2026 2:35 PM IST

Tags

Next Story