सेबी का बड़ा फैसला, एफपीआई को एक ही दिन के ट्रेड में फंड नेटिंग की अनुमति

सेबी का बड़ा फैसला, एफपीआई को एक ही दिन के ट्रेड में फंड नेटिंग की अनुमति
सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) ने शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को एक ही दिन के कैश मार्केट ट्रेड में फंड को एडजस्ट (नेट) करने की अनुमति दे दी है। इस कदम का उद्देश्य कामकाज को आसान बनाना और लागत कम करना है, खासकर इंडेक्स रीबैलेंसिंग के समय।

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) ने शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को एक ही दिन के कैश मार्केट ट्रेड में फंड को एडजस्ट (नेट) करने की अनुमति दे दी है। इस कदम का उद्देश्य कामकाज को आसान बनाना और लागत कम करना है, खासकर इंडेक्स रीबैलेंसिंग के समय।

नए नियम के तहत, अब एफपीआई एक ही दिन में किए गए शेयरों की बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल उसी दिन की खरीद के लिए कर सकेंगे। यानी अब उन्हें हर ट्रांजैक्शन अलग-अलग सेटल करने की बजाय केवल नेट (बचा हुआ) पैसा ही चुकाना होगा।

अभी तक एफपीआई को हर ट्रेड का पूरा भुगतान अलग-अलग करना पड़ता था, जिससे ज्यादा पैसे की जरूरत होती थी, लागत बढ़ती थी और विदेशी मुद्रा में नुकसान भी होता था।

बाजार के लोगों ने लंबे समय से इस समस्या की शिकायत की थी, खासकर उन दिनों में जब इंडेक्स रीबैलेंसिंग के कारण ट्रेडिंग बहुत ज्यादा होती है और कामकाज मुश्किल हो जाता है।

सेबी ने कहा कि यह नया सिस्टम 31 दिसंबर 2026 तक लागू कर दिया जाएगा।

रेगुलेटर ने साफ किया कि यह सुविधा केवल 'आउट्राइट ट्रांजैक्शन' पर लागू होगी, यानी जब एक ही सिक्योरिटी में केवल खरीद या केवल बिक्री की गई हो।

अगर एक ही सिक्योरिटी में एक ही समय में खरीद और बिक्री दोनों होती है, तो उस पर यह सुविधा लागू नहीं होगी और पुराने तरीके से ही सेटलमेंट होगा।

सेबी ने यह भी बताया कि अगर बिक्री की रकम खरीद से कम होती है, तो बाकी रकम एफपीआई को खुद देनी होगी।

वहीं, अगर बिक्री की रकम ज्यादा है, तो अतिरिक्त पैसा किसी अन्य खरीद को एडजस्ट करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया कि फंड भले ही नेट किए जा सकें, लेकिन शेयरों का सेटलमेंट पहले की तरह अलग-अलग (ग्रॉस बेसिस) पर ही होगा।

इसके अलावा, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) और स्टाम्प ड्यूटी जैसे टैक्स पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   24 April 2026 9:12 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story