झारखंड 2018 से अब तक न्यायिक और पुलिस हिरासत में 437 मौतें, हाईकोर्ट ने जताई चिंता
रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में हिरासत में हुई मौतों के मामलों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से दाखिल शपथपत्र का संज्ञान लिया, जिसमें वर्ष 2018 से अब तक की हिरासत मौतों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दांडेल की ओर से दाखिल शपथपत्र के अनुसार, वर्ष 2018 से अब तक राज्य की जेलों में और पुलिस हिरासत में कुल 437 मौतें हुई हैं। शपथपत्र में यह भी बताया गया कि जेल में हुई मौतों में से केवल 202 मामलों में न्यायिक जांच कराई जा सकी है।
वहीं, पुलिस हिरासत में हुई 39 मौतों में से 11 मामलों में अब तक जांच नहीं हो पाई है। अदालत ने कहा कि पुलिस या न्यायिक हिरासत में मृत्यु, लापता होने या दुष्कर्म के हर मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक जांच अनिवार्य है। ऐसे में जिन मामलों में अब तक जांच नहीं कराई गई है, वह चिंता का विषय है।
खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से इस संबंध में सुझाव मांगा है और पूछा है कि वे आगे क्या राहत चाहते हैं तथा याचिका में उनकी मांग क्या है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व फरवरी में हुई सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने इसी मुद्दे पर राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी थी। उस समय दायर शपथपत्र में वर्ष 2018 से 2025 के बीच 437 हिरासत मौतों का उल्लेख किया गया था, लेकिन अधिकांश मामलों में यह स्पष्ट नहीं था कि अनिवार्य न्यायिक जांच कराई गई या नहीं।
अदालत ने तब भी कहा था कि हिरासत में मौत के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच अनिवार्य है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया था कि वह शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट करे कि इन मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई गई या नहीं और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन हुआ या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   26 March 2026 3:55 PM IST












