मानसून सत्र 2026: 'क्या आपमें हिम्मत है कि...', मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में किरेन रिजिजू को दी चुनौती

डिजिटल डेस्क, रांची। संसद में जारी मानसून सत्र के दौरान विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने और चर्चा में शामिल होने की मांग की है। जबकि, कांग्रेस सांसदों ने सदन परिसर में अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट, अनुच्छेद 370 और कथित पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने किरेन रिजिजू को दिया चैलेंज
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं, बयान दें और चर्चा हो। अगर चर्चा होगी तभी समाधान निकलेगा। अगर चर्चा नहीं होगी तो वे घर बैठकर बयान देंगे या चुप रहेंगे, यह कैसे हो सकता है? संसद का अपमान हो रहा है। संसद शुरू हुए इतने दिन हो गए, लेकिन वे सदन में नहीं आ रहे हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं, फिर सरकार क्यों नहीं आ रही?"
मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "आप जैसे लोग वही सुनेंगे जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह कहेंगे। क्या आपमें कोई स्वतंत्र फैसला लेने की भी हिम्मत है?"
खरगे ने कहा कि कांग्रेस राम के विरोध में नहीं है, बल्कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा, "हम राम के विरोधी क्यों होंगे? हम सिर्फ यह पूछ रहे हैं कि राम के नाम पर जुटाया गया चंदा कहां गया? सोना, चांदी और दूसरे चढ़ावे कहां हैं? हम ट्रस्ट की 70 एकड़ जमीन से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं। अगर हम भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हैं तो हमें राम विरोधी और देश विरोधी कहा जाता है।" उन्होंने भाजपा पर देश की आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लेने का भी आरोप लगाया।
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संसद के बाहर अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जवाबदेही तय करने और संसद में चर्चा कराने की मांग उठाई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। उन्होंने कहा, "जो लोग सत्ता में हैं, उनकी जनता के प्रति जिम्मेदारी है। यह लोकतंत्र है, तानाशाही या राजदरबार नहीं। अगर पैलेट गन चली, आंसू गैस छोड़ी गई या लाठीचार्ज हुआ, तो किसी ने आदेश दिया होगा। उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यही देश की लोकतांत्रिक परंपरा रही है।" प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि "राम मंदिर चंदा चोर कहां मिलेगा? भाजपा दफ्तर में" और "अमित शाह, सदन में आइए।"
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि विपक्ष का विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा, "हमारे बच्चों ने गांधीजी के सिद्धांतों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। अब हम भी उसी तरह विरोध शुरू कर रहे हैं। हमारी मांग साफ है कि बच्चों पर हुई कथित हिंसा, पैलेट गन के इस्तेमाल, चोटों और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। इन घटनाओं के लिए किसी न किसी को जवाब देना होगा।"
Created On :   5 Aug 2026 6:50 PM IST












