परिसीमन बिल से अमित शाह की जवाबदेही तक: 50 मिनट लंबी चली किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की बातचीत, क्या अहम मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष में बनेगी सहमति?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी से करीब 50 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान किरेन रिजिजू ने दोनों नेताओं से संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिशों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संसद की कार्यवाही सामान्य करने और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के बीच सहमति बनाने के लिए कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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परिसीमन बिल और FCRA पर विपक्ष करेगा चर्चा?
इस दौरान राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू ने साफ कहा कि विपक्ष चाहता है कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर अपना बयान दें। विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को संसद के भीतर जवाब देना चाहिए।
बैठक के दौरान सरकार की ओर से परिसीमन और FCRA बिल पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इन दोनों विधेयकों पर सहयोग और समर्थन देने का आग्रह किया। सरकार चाहती है कि इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विपक्ष के साथ बातचीत के जरिए सहमति बनाई जाए। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर राहुल गांधी की ओर से अभी अंतिम प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि गुरुवार तक इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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बातचीत के प्रयासों में केंद्र सरकार
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक को लेकर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक दलों के साथ भी लगातार बातचीत कर रही है। सरकार का प्रयास है कि इस विधेयक पर व्यापक सहमति बन सके और संसद में इसे आगे बढ़ाने में किसी तरह की बाधा न आए। फिलहाल संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर जारी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के रुख के आधार पर यह तय होगा कि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी या नहीं।
Created On :   5 Aug 2026 4:27 PM IST












