मॉनसून सत्र: परिसीमन, वन नेशन- वन इलेक्शन और महिला आरक्षण संबंधी विधेयक सदन में हो सकते है पेश, पक्ष-विपक्ष अपने अपने स्टैंड पर अड़े

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कुछ दिन बाद संसद का मॉनसून सत्र शुरु होने वाला है, सत्र में परिसीमन, वन नेशन वन इलेक्शन और महिला आरक्षण संबंधी विधेयक सदन में पेश हो सकते है। इसे लेकर पूरे देश का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले विधेयकों को लेकर पक्ष-विपक्ष के नेता एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।
आने वाले विधेयकों को लेकर भाजपा नेता मनोज तिग्गा का कहना है कि परिस्थिति और समय के अनुसार यह देश की मांग है कि परिसीमन हो, वन नेशन, वन इलेक्शन हो और महिलाओं को आरक्षण मिले क्योंकि देश को सशक्त करने के लिए महिलाओं को सशक्त करना जरूरी है, प्रधानमंत्री मोदी का जो विकसित भारत 2047 का विजन है, उसमें सबका विकास होना आवश्यक है, लोग NDA के साथ जुड़ना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने 31वें संविधान संशोधन विधेयक पर कहा संवैधानिक निर्णय में परिसीमन करना कोई बुराई नहीं है, इसमें केवल एक राजनीतिक दल के मेंबर नहीं बल्कि हर पार्टी के मेंबर होते हैं। यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। भाजपा आई है इसलिए ऐसा नहीं हो रहा है बल्कि पहले भी ऐसा हुआ है। इस बार यह होने जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा ये लोग जो करते हैं वह देशहित और जनता के हित में नहीं होता है। इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।
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नए बिल या प्रस्ताव को लेकर NCP-SCP नेता सुप्रिया सुले ने कहा हमारे यहां कोई बिल या प्रस्ताव नहीं आया है। परिसीमन के बारे में न हमने और न ही किसी और ने हमसे चर्चा की है। सुले ने आगे कहा जब बिल आएगा तब हमारा स्टैंड होगा। जो बिल आएगा तब हम विस्तार से INDIA गठबंधन में चर्चा करेंगे, INDIA गठबंधन ने कोई मांग नहीं की है बल्कि हम केवल इतना कह रहे हैं कि 33% आरक्षण जो महिलाओं के लिए आया है उसे लागू कीजिए। परिसीमन की कोई मांग हमने नहीं की है। हमारी मांग है कि आपने महिलाओं को आरक्षण देने का वादा किया था तो उसे पूरा कीजिए।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा विपक्ष ने आजकलहर चीज का विरोध करना शुरु कर दिया है, मुझे लगता है कि वन नेशन, वन इलेक्शन देश के लिए बहुत आवश्यक है। अब JPC आई है और वो इसपर निर्णय लेगी।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा बीजेपी किसी भी स्थिति में परिसीमन का बिल पारित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, मोदी सरकार परिसीमन के बाद देश की संवैधानिक व्यवस्था के मूल ढांचे को तोड़ना चाहती है, हमें विश्वास है कि विपक्षी पार्टियां इसका समर्थन नहीं करेंगी।
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Created On :   15 July 2026 3:27 PM IST







