बिहार समाचार: परिसीमन समय की मांग, सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं ने बताई संवैधानिक प्रक्रिया, कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक की मांग की

डिजिटल डेस्क, पटना। पूरे देश में परिसीमन को लेकर सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार परिसीमन विधेयक संसद से पास करानी चाहती है। परिसीमन को लेकर बिहार में भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा परिसीमन समय की मांग है, यह संवैधानिक प्रक्रिया है। इसको राजनीति से परे देखने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि जनसंख्या बढ़ी है और भूगोल जनसंख्या के आधार पर एक अनुपात निकलता है और उसके हिसाब से सीटें बढ़ती हैं। पासवान ने कहा इसमें किसी को भी राजनीति करने की जरुरत नहीं है। बीजेपी नेता ने परिसीमन पर सभी दलों से एक साथ बैठकर सकारात्मक बातचीत करने की बात कही। उनका कहना है कि हमारे प्रतिनिधि और लोगों की महत्वाकांक्षा में समन्वय हो, संतुलन हो, परिसीमन इसकी बात कहता है।
यह भी पढ़े -महिला आरक्षण-परिसीमन पर फिर दांव खेलेगी सरकार, इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी?
JDU नेता राजीव रंजन ने परिसीमन विधेयक पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी पर कहा इस देश की आबादी अब 50 फीसदी है और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कांग्रेस ने आज तक कुछ नहीं किया लेकिन एक ईमानदार कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही रहा है। महिलाओं को विधायिका में व्यापक हिस्सेदारी मिल सके, इस दिशा में महिलाओं के लिए कानून बना।
जेडीयू नेता ने आगे कहा परिसीमन के जरिए क्षेत्रों का निर्धारण होगा, नए क्षेत्र बनेंगे और बड़ी संख्या में महिलाएं चुन कर संसद के दोनों सदनों में आ पाएंगी। उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस पर दोहरे मानदंड और विधेयक के टालने के आरोप लगाए है। उन्होंने तमाम आरोप लगाते हुए कहा कांग्रेस पूरे प्रकरण को टालने की कोशिशें करते रहे हैं। एक बार फिर सुनियोजित तरीके से पूरे प्रकरण को खटाई में डालने की जो कांग्रेस की कोशिश है, उसी पर करारा प्रहार किरेन रिजिजू ने किया है और कांग्रेस को निस्संदेह अब आगे बढ़ना चाहिए और इस बिल को तार्किक परिणति पर पहुंचाने में अपना योगदान देना चाहिए।
परिसीमन क्या है?
लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं तथा सीटों के निर्धारण या पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया।
2026 के विधेयक में क्या प्रस्ताव था?
16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश विधेयक में परिसीमन आयोग गठित करने और आयोग के गठन के समय उपलब्ध नई जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का प्रावधान था। इससे जुड़े संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 850 का प्रस्ताव था। अप्रैल 2026 में इससे जुड़े विधायी प्रस्ताव लोकसभा में आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर पाए। हाल ही में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े नए प्रस्तावों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना की खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस ने इस मामले पर सर्वदलीय बैठक की मांग की है।
Created On :   20 Oct 2026 2:34 PM IST













