तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग: CM विजय की सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार के लगे आरोप

CM विजय की सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार के लगे आरोप
तमिलनाडु की नई सरकार के खिलाफ कथित हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिक भी दायर हो गई है।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु की नई सरकार के खिलाफ कथित हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिक भी दायर हो गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। तब तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने की मांग भी की है। यह मांग और याचिका मदुरै के रहने वाले केके रमेश ने दायर की है।

TVK पर लगाए ये आरोप

याचिकाकर्ता ने राज्य के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के खिलाफ आरोप लगाए हैं कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए दूसरी पार्टी के विधायकों को खरीदकर सरकार बनाने का समर्थन प्राप्त किया है। केके रमेश ने अपनी याचिका में भारतीय संघ, सीबीआई और तमिलनाडु सरकार को पक्षधर बनाया है।

याचिका में क्या कहा?

कोर्ट में दायर की गई याचिका में बताया गया है कि तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई थीं। याचिका में आगे बताया गया कि 4 मई, 2026 को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में टीवीके ने चौंकाते हुए 108 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके साथ ही पार्टी राज्य में सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है। इसके बाद टीवीके को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआईएम और IUML ने समर्थन दिया और 10 मई, 2026 मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

फ्लोर टेस्ट में बड़ा विधायकों का समर्थन

याचिकाकर्ता ने बताया कि विवाद बहुमत साबिक करने को लेकर हुआ। इसके बाद राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए कहा। इस दौरान टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 144 पार हो गया। यानी इस दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने टीवीके के पक्ष में वोट किया। इस मामले ने सबको हैरान कर दिया।

Created On :   20 May 2026 11:01 PM IST

Tags

Next Story