Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में सक्रिया कांग्रेस, गठबंधन से सीट-साझेदारी फॉर्मूले के तहत इतनी सीटों की मांग

तमिलनाडु में सक्रिया कांग्रेस, गठबंधन से सीट-साझेदारी फॉर्मूले के तहत इतनी सीटों की मांग
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीति गरमा गई है। चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे की चर्चाएं तेज हो गई है।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीति गरमा गई है। चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे को लेकर भी मामला गरमाया हुआ है। इसी क्रम में जानकारी मिली है कि कांग्रेस ने गठबंधन से 45 सीटें मांग रही है। ये सूचना सूत्रों के हवाले से मिली है। उनका कहना है कि यह मांग एक विस्तृत आंतरिक समीक्षा के आधार पर की गई है।

इतनी सीटों पर डीएमके ने किया हार का सामना

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव (2021) में डीएमके ने 173 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जिनमें से 133 को जीत मिली थी, जबकि 40 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। जिन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, वहां पर एआईएडीएमके और भाजपा के प्रत्याशी उतरे थे।

कांग्रेस की पकड़ मजबूत

कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा के मुताबिक, जिन 40 सीटों पर डीएमके को हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें से कम से कम 20 सीटों पर कांग्रेस ने खुद को मजबूत बताया है। सूत्रों ने बताया कि इन इलाकों में पार्टी की स्थानीय संगठनात्मक पकड़ मजबूत है, जो सीधे मुकाबले की स्थिति में मतों का बेहतर ध्रुवीकरण हो सकता है।

वहीं, पार्टी रणनीतिकार मानकर चल रहे है कि 45 सीटों की मांग सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि 'विनेबिलिटी फैक्टर' के तहत है। पार्टी ने तर्क देते हुए कहा कि यदि उसको उन सीटों पर मौका मिलता है तो गठबंधन की जीत की संभावना बन सकती है। उसने बताया कि यहां पर पिछली बार डीएमके को हार का सामना करना पड़ा था।

सीट-साझेदारी फॉर्मूला

सूत्रों ने आगे बताया कि इस चुनाव के पहले कांग्रेस गठबंधन में अधिक संतुलित और व्यावहारिक सीट-साझेदारी फॉर्मूले की मांग कर रही है, ताकि जमीनी हकीकत पर तालमेल बेहतर बना सके। बता दें कि तमिलनाडु में डीएमके, कांग्रेस समेत अन्य दल गठबंधन में है, जबकि AIDMK और भाजपा सहित अन्य छोटे दल का गठबंधन है।

Created On :   24 Feb 2026 12:59 AM IST

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