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Thailand open 2019: रैंकीरेड्डी-चिराग फाइनल में पहुंचे, हुई-लियू से होगी खिताबी भिड़ंत

Thailand open 2019: रैंकीरेड्डी-चिराग फाइनल में पहुंचे, हुई-लियू से होगी खिताबी भिड़ंत

हाईलाइट

  • रैंकीरेड्डी-चिराग की जोड़ी ने सेमीफाइनल में ह्यून-शिन को 22-20, 22-24, 21-19 से हराया
  • रैंकीरेड्डी-चिराग का फाइनल में मुकाबला हुई-लियू की जोड़ी से होगा

डिजिटल डेस्क, बैंकॉक। भारत के सात्विकसाइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने शनिवार को थाईलैंड ओपन बैंडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। मेंस डबल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में कीरेड्डी और चिराग की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के को सुंग ह्यून और शिन बाएक चेयोल को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरियाई जोड़ी को 22-20, 22-24, 21-19 से मात दे खिताबी मुकाबले में कदम रखा। फाइनल में इस जोड़ी का सामना चीन के ली जुन हुई और लियू यू चेन की जोड़ी से होगा। चीन की जोड़ी ने जापान के हिरोयुकी एंडो और युटा वाटानाबे को 21-13, 22-20 से मात दी।

मैच जीतने के बाद चिराग ने कहा, मुझे लगता है कि हम दोनों पहले से कहीं ज्यादा शांत हुए हैं और यह बहुत बड़ा सुधार है। दूसरे गेम में हमारे पास दो मैच प्वाइंट थे। हम निर्णायक अंक को काफी आसानी से अपने नाम करने में सफल रहे क्योंकि हम धैर्य के साथ खेल रहे थे। हम अंक लेने की जल्दबाजी में नहीं थे। उन्होंने कहा, मैच का आखिरी अंक सबसे अहम था क्योंकि सेमीफाइनल में शिन/को की जोड़ी को हराना आसान बात नहीं है क्योंकि वह लोग ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें हमने अतीत में अच्छा करते हुए देखा है।

रैंकीरेड्डी ने कहा, हम अपने प्रदर्शन से काफी खुश हैं। हम शांत रहते हुए धैर्य के साथ सकारात्मक सोच रखकर खेल रहे हैं और इससे हमें काफी मदद मिल रही है। हमें अपने आप पर विश्वास है कि हम कल (रविवार को फाइनल में) अच्छा खेलेंगे और जीतेंगे। हम अपने पहले फाइनल के लिए उत्साहित हैं। हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे और भारत को गर्व करने का मौका देंगे।

इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और सिर्फ पुरुष युगल में ही भारत फाइनल में जगह बना सका है। सायना नेहवाल, पारुपल्ली कश्यप, किदाम्बी श्रीकांत जैसे भारत के दिग्गज एकल खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही हार कर बाहर हो गए थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।