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FIFA WC : उरुग्वे को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा फ्रांस

July 07th, 2018 12:15 IST
FIFA WC : उरुग्वे को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा फ्रांस

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। निजनी नोवगोरोद स्टेडियम में खेले गए क्वार्टर फाइनल के पहले मुकाबले में फ्रांस ने उरुग्वे को 2-0 से हरा दिया है। फ्रांस की इस जीत के हिरो वरान और ग्रीजमान रहे। वरान ने 40वें और ग्रीजमान ने 61वें मिनट में गोल किये। इस जीत के साथ ही फ्रांस की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां उसका मुकाबला ब्राजील और बेल्जीयम मैच के विजेता से होगा। वहीं उरुग्वे का सफर अब वर्ल्डकप में खत्म हो गया है।

पिछले मैच के हीरो रहे कवानी के बिना खेल रही उरुग्वे ने शुरुआती मिनटों में अटैकिंग खेल दिखाया। उरुग्वे के लुकस और स्टार खिलाड़ी सुआरेज ने काउंटर अटैक करते हुए फ्रांस के डिफेंडरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। मैच के 33वें मिनट में फ्रांस के हरनान्डेज को फाउल करने की वजह से यलो कार्ड दिखाया गया। मैच के 40वें मिनट में फ्रांस को मिले एक फ्री-किक पर ग्रीजमान के शानदार क्रॉस पर वरान ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हॉफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा। हॉफ टाइम से कुछ मिनट पहले उरुग्वे को गोल करने का सबसे बेहतरीन मौका मिला जब मार्टिन ने एक फ्री-किक पर शॉट लिया, लेकिन फ्रांस गोलकीपर लोरिस ने अपनी दाईं ओर डाइव लगाते हुए शानदार सेव किया। पहले हॉफ में फ्रांस ने 6 शॉट अटेम्प्ट किए, वहीं उरुग्वे ने 7 गोल अटेम्प्ट किए।

दूसरे हॉफ की शुरुआत से फ्रांस एक बार फिर अटैकिंग मोड में दिखाई दिया और टीम के स्ट्राइकरों ने उरुग्वे के मजबूत डिफेंस का जमकर टेस्ट लिया। मैच के 60वें मिनट में उरुग्वे ने दो सब्स्टिट्यूशन कर रोड्रिगेज और गोमेज को मैदान पर भेजा। उरुग्वे का यह निर्णय उस वक्त गलत साबित हुआ जब अगले ही मिनट में फ्रांस ने दूसरा गोल दाग दिया। फ्रांस की तरफ से यह गोल ग्रीजमान ने मैच के 61वें मिनट में दागा। इस गोल से फ्रांस ने 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त ले ली। 102वां मैच खेल रहे मुसलेरा ने इस गोल से पहले टूर्नामेंट में बस एक ही गोल कन्सीड किया था।

2-0 से पिछड़ने के बाद मैदान पर ​​​उरुग्वे के खिलाड़ी हताश नजर आए और यह हताशा उनके खेल पर भारी पड़ी। अंतिम 30 मिनटों में उरुग्वे के प्लेयर कोई भी अच्छा मौका नहीं बना पाए। इस तरह फ्रांस ने यह मैच आसानी से जीत लिया। मैच में दोनों ही टीमों ने 11-11 अटेम्प्ट किए। फ्रांस ने 15 फाउल किए वहीं उरुग्वे ने 16 फाउल किए। मैच में फ्रांस के पास 57% बॉल पज़ेशन रहा, वहीं उरुग्वे  के पास 43% बॉल पज़ेशन रहा। मैच में कुल 4 यलो कार्ड दिए गए।

सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही उरुग्वे की टीम का इस वर्ल्डकप में प्रदर्शन शानदार रहा। वह ग्रुप स्टेज में जहां एक भी मैच नहीं हारी, वहीं राउंड ऑफ-16 में उसने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए यूरोपियन चैंपियन पुर्तगाल को 2-1 से हराया। 1966 के बाद यह दूसरी बार है जब उरुग्वे की टीम क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर हार गई।  

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।