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किसान पिता की बेटी हिमा ने आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में भारत को दिलाया गोल्ड

September 06th, 2018 16:27 IST

हाईलाइट

  • असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास ने आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में जीता गोल्ड।
  • एथलीट हिमा दास ने दौड़ 51.46 सेकंड में पूरी की।
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास की वजह से भारत को पहली बार आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है। हिमा ने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने यह दौड़ 51.46 सेकंड में पूरी की। हिमा दास की उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक किसान की बेटी ने विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप की 400 मीटर रिले में गोल्ड जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मैं उन्हें बधाई देता हूं। देश के लिए यह बेहद खुशी की बात है। हिमा की उपलब्धि आने वाले समय में देश के एथलीटों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। बता दें कि इससे पहले भारत की कोई महिला खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड नहीं जीत सकी थी। 

राष्ट्रगान बजा तो आंखों से छलके आंसू
आईएएएफ ट्रैक स्पर्धा में रोमानिया की एंड्रिया मिकलोस को सिल्वर और अमेरिका की टेलर मैंसन को ब्रॉन्ज मेडल मिला है। दौड़ के 35 सेकंड तक हिमा शीर्ष तीन खिलाड़ियों में भी नहीं थीं, लेकिन बाद में रफ्तार पकड़कर उन्होंने इतिहास बना दिया। स्पर्धा के बाद हिमा के गोल्ड मेडल लेते समय जब राष्ट्रगान बजा तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

राष्ट्रपति ने कहा, हिमा से अब ओलंपिक में पदक का इंतजार
ऐतिहासिक सफलता के बाद हिमा को देशभर से बधाइयां मिलनी शुरू हो गई हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा कि स्वर्ण जीतने के लिए हमारी शानदार स्प्रिंट स्टार हिमा दास को बधाई। यह असम और भारत के लिए गर्व का विषय है। हिमा से अब ओलंपिक में पदक का इंतजार है।

राहुल गांधी ने कहा, आपकी उपलब्धि को सलाम
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिमा दास के गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें बधाई दी है। राहुल ने ट्विटर पर हिमा का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि नीचे वीडियो में आप देखेंगे कि फिनलैंड में हुए वर्ल्ड अंडर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली हिमा को क्या खास बनाता है। 18 वर्षीय एथलीट को बधाई देते हुए राहुल ने लिखा कि मैं उनकी उपलब्धि को सलाम करता हूं और इस ऐतिहासिक जीत के लिए उन्हें बधाई देता हूं।

अंत में ऊर्जा लगाती है हिमा: कोच
हिमा के कोच निपुण दास उनकी जीत से बेहद खुश हैं। वे बताते हैं कि रेस में जब आखिरी 100 मीटर तक हिमा चौथे स्थान पर थी तो मुझे यकीन हो गया था कि वह इस बार गोल्ड ले आएगी। मैं उसकी तकनीक को जानता हूं, वह शुरुआत में धीमी रहती है और अपनी पूरी ऊर्जा अंतिम 100 मीटर में लगा देती है।

आर्थिक स्थिति खराब, खेती करते हैं पिता
हिमा संयुक्त परिवार में रहती हैं। उनके घर में 16 सदस्य हैं। हिमा के पिता किसान हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं। उनकी मां घर संभालती हैं। हिमा के कोच निपुण बताते हैं कि हिमा की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। जिस जगह से वह आती है, वहां अक्सर बाढ़ आ जाती है। जिस खेत या मैदान में हिमा दौड़ की तैयारी करती थीं, वह बाढ़ में पानी से लबालब हो जाता था। इस कारण ही निपुण उन्हें गुवाहाटी ले आए थे।

फुटबॉल खेलकर जीतती थीं 100-200 रुपए
शुरुआत में हिमा को फुटबॉल खेलने का शौक था। वे अपने गांव के आस-पास फुटबॉल मैच खेलकर 100-200 रुपए जीत लेती थीं। फुटबॉल में दौड़ना काफी पड़ता है, इसलिए उसका स्टैमिना अच्छा बनता रहा। इस वजह से ही वह ट्रैक पर भी बेहतर करने में कामयाब रहीं। कोच निपुण बताते हैं कि जनवरी 2017 में असम नौगांव की रहने वालीं हिमा एक कैंप में हिस्सा लेने राजधानी गुवाहाटी आई थीं, निपुण की नजर यहां हिना पर पड़ी। निपुण ने हिमा को दौड़ते देखा तो उनके माता-पिता से मिलने गांव गए। निपुण ने हिमा के रहने खाने का खर्च उठाने का वादा किया तो हिमा के माता-पिता तैयार हो गए। वे भी उसे आगे बढ़ते देखना चाहते थे।

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