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ओलंपिक पॉवर बनने के लिए भारत को हर खेल में एक तेंदुलकर की जरूरत : सुमारिवाला

June 25th, 2020 10:01 IST
ओलंपिक पॉवर बनने के लिए भारत को हर खेल में एक तेंदुलकर की जरूरत : सुमारिवाला

हाईलाइट

  • ओलंपिक पॉवर बनने के लिए भारत को हर खेल में एक तेंदुलकर की जरूरत : सुमारिवाला

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के अध्यक्ष अदिले सुमारिवाला ने कहा है कि भारत को ओलंपिक पॉवर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए हर खेल में एक सचिन तेंदुलकर की जरूरत है।

स्पोर्ट्स फॉर ऑल द्वारा आयोजित स्टार-स्टड वेबिनार के दौरान अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर टोक्यो ओलंपिक में भारत की संभावनाओं पर बोलते हुए सुमारिवाला ने कहा, हर खेल में शायद पहले से ही कई सचिन तेंदुलकर होते हैं। लेकिन उनमें से प्रत्येक को अपनी प्रतिभा दिखाने और विश्व चैंपियन बनने के लिए उन्हें सही मंच की आवश्यकता होती है।

उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि पैसे से देश के पदक खरीदे जा सकते हैं या नहीं लेकिन खेल में एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र निश्चित रूप से लंबे समय तक चलेगा। उन्होंने कहा, हमें कठोर और नरम दोनों तरह की बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है, खासकर तौर पर जमीनी स्तर पर। उन्होंने इस तरफ ध्यान देने के लिए एसएफए के प्रयासों की भी तारीफ की।

सीआईआई की मेकिंग इंडिया प्ले पहल के पूर्व सीईओ और स्टार एंड डिजनी इंडिया के दीप मुखर्जी ने कहा कि प्रतियोगिताओं के बारे में बहुत अधिक चिंता किए बिना बच्चों को कम उम्र से ही खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा, खेल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि गणित और विज्ञान। यह एक बच्चों को सीखने और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे जैसे विकासशील राष्ट्र के में यह शायद सबसे शक्तिशाली हथियार है।

एएफसी के संस्थापक ऋषिकेश जोशी द्वारा संचालित इस वेबिनार में कई अंतर्राष्ट्रीय पैनलिस्ट भी शामिल हुए हैं। इनमें इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के रशदी वारले, डीन होर्रिज ऑफ फिट फॉर यूके और यूके के जूनियर एडवेंचर ग्रुप तथा कनाडा के अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी जेरेमी हेजि़न भी शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।