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आईएसएल-6 : ओडिशा को 2-1 से हराकर नॉथईस्ट एफसी ने जीत का खाता खोला

October 26th, 2019 22:30 IST
 आईएसएल-6 : ओडिशा को 2-1 से हराकर नॉथईस्ट एफसी ने जीत का खाता खोला

हाईलाइट

  • आईएसएल-6 : ओडिशा को 2-1 से हराकर नॉथईस्ट एफसी ने जीत का खाता खोला

गुवाहाटी, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी ने शनिवार को यहां इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में ओडिशा एफसी को 2-1 से हराकर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन में जीत का खाता खोल लिया।

अपने पहले मैच में मौजूदा चैम्पियन बेंगलुरू एफसी को 1-1 की बराबरी पर रोकने वाली हाईलैंर्ड्स नाम से मशहूर मेजबान टीम ने दूसरे ही मिनट में रिडीम थ्लांग की मदद से खाता खोल लिया था लेकिन जिस्को हर्नादेज ने 71वें मिनट में एक बेहतरीन गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद उसके सबसे बड़े स्टार आसामोह गयान की कलाकारी काम आई और उन्होंने 84वें मिनट में हेडर पर गोल करते हुए मेजबान टीम को 2-1 से आगे कर दिया।

यह दो मैचों में मेजबान टीम की पहली जीत है जबकि पहली बार आईएसएल में खेल रही ओडिशा एफसी को लगातार दूसरी हार मिली है। उसे अपने पहले मैच में जमशेदपुर एफसी के खिलाफ 1-2 से हार मिली थी। इस मैच में ओडिशा की टीम भले ही हार गई लेकिन उसने बॉल पजेशन अधिक रखने के साथ-साथ मौके भी अधिक बनाए। यह अलग बात है कि किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया।

पहले हाफ की झन्नाटेदार शुरुआत हुई। मेजबान टीम ने दूसरे मिनट में ही खाला खोल लिया। 24 साल के थ्लांग ने इस सीजन का अब तक का सबसे तेज गोल पानाजियोटिस त्रियादिस की मदद से की।

राइट फ्लैंक पर थ्लांग बिल्कुल अनमाक्र्ड खड़े थे। इसी बीच त्रियादिस ने उन्हे एक परफेक्ट पास किया, जिसे गोल में डालकर थ्लांग ने अपनी टीम को आगे कर दिया।

ओडिशा एफसी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सातवें और 13वें मिनट में एक अच्छे मूव बनाए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। 20वें मिनट में ओडिशा के शुभम सारंगी को पीला कार्ड मिला। 22वें और 26वें मिनट में मेजबानों ने दो बेहतरीन मूव बनाए लेकिन वे नाकाम रहे।

ओडिशा ने 32वें मिनट में जेरी और 35वें मिनट में कार्लोस डेल्गाडो की मदद से दो खतरनाक मूव बनाए लेकिन रॉय सावधान थे और अपनी टीम की बढ़त को बरकरार रखा। 38वें मिनट में त्रियादिस को पीला कार्ड मिला। इंजुरी टाइम में मेजबान गोलकीपर रॉय और स्टार खिलाड़ी गयान को पीला कार्ड मिला।

दूसरे हाफ की शुरुआत में ओडिशा ने दो बदलाव किए। 47वें मिनट में हालांकि उसे मेजबान टीम के एक जोरदार हमले का सामना करना पड़ा लेकिन विनीत राय ने शानदार डिफेंडिंग का नमूना पेश करते हुए राइट फ्लैंक से आए थ्लांग के कट बैक को गियान तक नहीं पहुंचने दिया।

54वें मिनट में ओडिशा ने हमला किया लेकिन वह बेकार चला गया। 57वें मिनट में ओडिशा के स्थानापन्न खिलाड़ी नंदकुमार सेकर बराबरी का गोल करने के बिल्कुल करीब थे। जिस्को के शानदार पास के बाद वह गेंद लेकर बॉक्स में घुसे और मेजबान टीम के दो डिफेंडरों को छकाया लेकिन अपने शॉट में वह ताकत नहीं ला सके, जो रॉय को छका पाती।

68वें मिनट में जिस्को ने एक करारा शॉट पोस्ट की ओर लॉन्च किया लेकिन रॉय सावधान थे। जिस्को ने हालांकि 71वें मिनट में इसकी भरपाई करते हुए अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया। इस गोल में डियांगे ने उनकी मदद की।

73वें मिनट में डेल्गाडो को गम्भीर फाउल के कारण लाल कार्ड मिला। अब ओडिशा की टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी। मैच का सबसे नाटकीय समय 84वें मिनट में उस समय आया जब गयान ने कार्नर किक पर हेडर से गोल कर मेजबान टीम को 2-1 से आगे कर दिया और मैच इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।