comScore

कपिल ने इमरान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने से किया इंकार  

August 14th, 2018 13:50 IST

हाईलाइट

  • इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे कपिल देव।
  • 18 अगस्त को इमरान खान लेंगे पीएम पद की शपथ।
  • कपिल देव ने पाकिस्तान नहीं जाने का फैसला निजी बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान अब पाक के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने इस शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव को अमंत्रित किया था, लेकिन कपिल ने उसमें जाने से इंकार कर दिया है। इमरान खान 18 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ लेंगे। 

कपिल देव ने कहा, ''शपथ ग्रहण में नहीं जाने का मेरा निजी फैसला है। मेरे ऊपर किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई दबाव नहीं है। इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं और उन्होंने मुझे शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया इसके लिए मैं उन्हें शुक्रिया कहता हूं। कपिल देव के अलावा इमरान ने भारत के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू और सुनील गावस्कर को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए अमंत्रित किया है। सिद्धू ने बताया कि वे शपथ ग्रहण समारोह में जरूर जाएंगे। 

शपथ ग्रहण में जाने के पीछे सिद्धू ने अपना कारण एक खिलाड़ी होना बताया है। उन्होंने कहा है कि मैं वहां बतौर राजनेता नहीं बल्कि एक खिलाड़ी के रूप में समारोह में शामिल होने जाऊंगा। हालांकि गावस्कर ने अभी इस बात को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है कि वे शपथ ग्रहण समारोह के लिए पाकिस्तान जाएंगे या नहीं। 

इमरान के चुनाव जीतने पर कपिल देव ने उन्हें बधाई दी थी। साथ ही उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की नई सरकार को ऐसी पॉलिसी पर काम करना चाहिए। जिससे दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हों और पाकिस्तान में फिर से क्रिकेट भी हो तो ये अच्छी बात होगी। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) हाल ही में हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बन कर सामने आई है। 

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान
इमरान ख़ान एक रिटायर्ड पाकिस्तानी क्रिकेटर और राष्ट्रीय स्तर के राजनेता हैं। वह 2013 से 2018 तक पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य थे, जो सीट 2013 के आम चुनावों में जीती थीं। इमरान ने बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध के दो दशकों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 1990 के दशक के मध्य से वे राजनीतिज्ञ हो गए। वर्तमान में, अपनी राजनीतिक सक्रियता के अलावा, ख़ान एक धर्मार्थ कार्यकर्ता और क्रिकेट कमेंटेटर भी हैं।

इमरान 1971-1992 तक पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए खेले और 1982 से 1992 के बीच कप्तान भी रहे। 1987 के विश्व कप के अंत में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, उन्हें टीम में शामिल करने के लिए 1988 में दुबारा बुलाया गया। 39 वर्ष की आयु में ख़ान ने पाकिस्तान की प्रथम और एकमात्र विश्व कप जीत में अपनी टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3,807 रन और 362 विकेट का रिकॉर्ड बनाया है। जिससे वे 'आल राउंडर्स ट्रिपल'  छह विश्व क्रिकेटरों की श्रेणी में शामिल हुए थे। 

अप्रैल 1996 में इमरान ख़ान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (न्याय के लिए आंदोलन) नाम की एक छोटी और सीमांत राजनैतिक पार्टी की स्थापना की और उसके अध्यक्ष बने। इस पार्टी से वे संसद के लिए निर्वाचित केवल एकमात्र सदस्य हैं। उन्होंने नवंबर 2002 से अक्टूबर 2007 तक नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में मियांवाली का प्रतिनिधित्व किया। ख़ान ने दुनिया भर से चंदा इकट्ठा कर, 1996 में शौकत ख़ानम मेमोरियल कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र और 2008 में मियांवाली नमल कॉलेज की स्थापना में मदद की।


 

कमेंट करें
jErfN