MP News: संभागों में बनेंगे ड्रग वेयर हाउस, रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का होगा उपयोग

संभागों में बनेंगे ड्रग वेयर हाउस, रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का होगा उपयोग
मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सभी संभागीय मुख्यालयों में वेयर हाउस बनाए जाने का प्रस्ताव दिया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सभी संभागीय मुख्यालयों में वेयर हाउस बनाए जाने का प्रस्ताव दिया है। जिसके तहत इन 10 वेयर हाउस में दवाओं के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। मंगलवार को भोपाल में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी। दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग और स्टॉक की स्थिति के लिए हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग किया जाएगा। मेडिकल चेन सप्लाई की व्यवस्था के तहत दवाइयों की उपलब्धता की निगरानी की जा सकेगी।

दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति, मांग और वितरण की जानकारी किसी भी समय मिल सकेगी। गुणवत्ता परीक्षण के बाद दवाओं का वितरण मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के औषधि भंडार, सिविल अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। आगामी चरण में इस व्यवस्था का एकीकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। साथ ही मरीज को दवा के वास्तविक वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। धनराजू एस ने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार और स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में भी सहायक होगी। आवश्यकता अनुरूप बेहतर योजना बनाते हुए दवाओं की आपूर्ति की जा सकेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि दवाओं की समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित करें। गुणवत्ता के बाद ही दवाओं का वितरण किया जाए। सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और डिमांड-सप्लाई गैप की स्थिति न बनें। तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था करें ताकि दवाओं की उपलब्धता और वितरण की निगरानी हो सके।

कैसे होगा दवा वितरण

मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड दवाओं की खरीदी करेगा। आपूर्तिकर्ता दवाओं को वेयरहाउस तक पहुंचाएगा। वेयरहाउस में दवाओं का उचित भंडारण होगा। समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाएगा। दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग और स्टॉक की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी।

Created On :   9 July 2026 2:44 AM IST

Tags

Next Story