MP News: 22 साल बाद बदला राजमार्ग एक्ट, राज्य सरकार को मिले कई अधिकार

22 साल बाद बदला राजमार्ग एक्ट, राज्य सरकार को मिले कई अधिकार
निर्धारित दरों के अनुसार इन राज्य राजमार्गों पर यात्रियों और वाहनों से टोल शुल्क वसूला जा सकेगा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य विधानसभा के बीते वर्षाकालीन सत्र में 21 जुलाई 2026 को पारित मप्र राजमार्ग संशोधन विधेयक पर राज्यपाल की सहमति मिलने से अब यह कानून बन गया है तथा इसके तहत अब राज्य सरकार को कई वैधानिक अधिकार मिल गये हैं जो 26 साल पुराने मूल एक्ट मप्र राजमार्ग अधिनियम 2004 में नहीं थे। संशोधित कानून के उद्देश्य में कहा गया है कि मप्र राजमार्ग अधिनियम 2004 में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जो राज्य सरकार को राज्य राजमार्गों पर उनके विकास, अनुरक्षण, प्रबंधन और संचालन हेतु किए गए अनुबंधों के माध्यम से उपयोगकर्ता शुल्क अधिरोपित करने और उसकी वसूली करने में सक्षम बनाता हो।

राज्य राजमार्गों के विकास और अनुरक्षण में बढ़ते निवेश के साथ, यह आवश्यक हो गया है कि राज्य सरकार को उपयोगकर्ता शुल्क अधिसूचित करने और अधिरोपित करने के लिए, एक स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था प्रदान की जाए तथा राज्य राजमार्ग के विकास, अनुरक्षण, प्रबंधन या संचालन का दायित्व सौंपे गए व्यक्ति या संस्था को अनुबंध की शर्तों के अनुसार ऐसी शुल्क वसूल करने और उसे अपने पास रखने के लिए अधिकृत किया जाए।

उल्लेखनीय है कि संशोधित कानून में राज्य में सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत राज्य सरकार को किसी भी साधारण सड़क को राज्य राजमार्ग के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार मिला है। निर्धारित दरों के अनुसार इन राज्य राजमार्गों पर यात्रियों और वाहनों से टोल शुल्क वसूला जा सकेगा। राजमार्गों के निर्माण, विकास, संचालन और रखरखाव के लिए निजी कंपनियों या एजेंसियों के साथ समझौते (पीपीपी मॉडल आदि) किए जा सकेंगे। राज्य में यातायात को सुगम बनाने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उच्च गुणवत्ता वाली सडक़ें तैयार करने पर जोर दिया गया है।

Created On :   22 Sept 2026 10:48 PM IST

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