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MP News: शाखा संगम: होसबाले ने कहा, भारत दुनिया पर दादागिरी या शोषण करने के लिए नहीं, मानवता की सेवा के लिए आगे बढ़ेगा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शाखा संगम और स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम हुआ। इसमें संघ के भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले 5 जिलों के करीब 30 हजार स्वयंसेवक शामिल हुए। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने स्वयंसेवकों से कहा कि भारत की 5 हजार सालों की सभ्यता की यात्रा में दुनिया के लोगों को यदि कुछ बातें देखने को मिलती हैं, तो वह यही है कि भारत हर संकट के बाद उठकर खड़ा हुआ है। हर संघर्ष का उसने सामना किया है। उसको छोड़कर आगे बढ़ने के लिए, संस्कृति की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए यहां के महानुभावों ने निरंतर एक अविनाशी, मृत्युंजय समाज के रूप में खड़ा किया है। होसबाले ने कहा कि हिंदू समाज कभी-कभी अपनी ताकत और सामर्थ्य को भूल जाता है। ऐसे समय महापुरुष जामवंत की तरह समाज की शक्ति को जागृत करते हैं। इससे असंभव को संभव और असाध्य को साध्य बनाया जा सकता है। डॉक्टर हेडगेवार ने संघ की स्थापना के समय इसी शक्ति को जगाने की अलख जगाई थी।
एकत्रीकरण के माध्यम से भोपाल विभाग में नियमित रूप से संचालित संघ शाखाओं के स्वरूप को समाज के सामने पेश किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों की सहभागिता के साथ संघ के सामाजिक कार्यों और आगामी संकल्पों का संदेश भी दिया गया। होसबाले ने स्वयंसेवकों से कहा कि नागरिकों को कानून के डर से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझकर काम करना चाहिए। उन्होंने इन्हीं बातों को जीवन और आचरण में उतारने का आग्रह किया गया है। संघ, समाज को संगठित करने का राष्ट्रीय अभियान है। सेवा और संगठन के जरिए पंथों में बंटे हिंदू समाज को एकजुट करना इसका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया पर दादागिरी या किसी का शोषण करने के लिए नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए आगे बढ़ेगा। भौतिक सुख और आध्यात्मिक आनंद के संतुलन के साथ भारत दुनिया के सामने जीवन का मॉडल प्रस्तुत कर सकता है। होसबाले ने कहा कि समाज को जागृत और संगठित रहना होगा। विजिलेंट सोसाइटी यानी जागृत समाज ही देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकता है। समाज के अलग-अलग वर्गों और बिरादरियों के नेतृत्वकर्ताओं को साथ आकर यह समझना होगा कि समाज के सामने आने वाले प्रश्न किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि सभी के हैं।
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छुआछूत खत्म करना होगा
होसबाले ने कहा कि संघ ने समाज के सामने पांच परिवर्तन का विचार रखा है। जन्म आधारित भेदभाव हिंदू समाज का हिस्सा नहीं है। भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे। जाति के नाम पर होने वाला दुर्व्यवहार समाज को कमजोर और खोखला करता है। जातिभेद और छुआछूत खत्म करने की शुरुआत अपने घर और अपने आचरण से करनी होगी। यह केवल उपदेश से नहीं, व्यवहार में बदलाव से संभव है। होसबाले ने कहा कि पहले गांवों में व्यायामशालाएं होती थीं। संघ ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। शरीर को सशक्त और बुद्धि को जागृत करने के लिए निरंतर काम करना चाहिए। संगठन में ही शक्ति है उन्होंने कहा कि जाति, पंथ, भाषा और प्रांत के आधार पर खुद को अलग मानने से संगठन की ताकत कमजोर होती है। हमें इन भेदों को भूलकर संगठित होकर काम करना होगा। चार उंगलियां अलग-अलग कमजोर हैं, लेकिन मुट्ठी बनने पर उनमें ताकत आ जाती है। यही संगठन की शक्ति है।
होसबाले ने स्वयंसेवकों से कहा कि देशभक्ति केवल 26 जनवरी जैसे किसी एक दिन का भाव नहीं, बल्कि 24 घंटे होना चाहिए। हर नागरिक को सोचना चाहिए कि वह अपने गांव, मोहल्ले और समाज के लिए राष्ट्रहित में क्या कर सकता है। प्रतिदिन का छोटा प्रयास जरूरी उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण और समाज को संगठित करने का प्रयास करती हैं। समाज को संगठित करने के लिए गांव, मोहल्ले और बस्ती में निस्वार्थ भाव से प्रतिदिन एक घंटा साथ रहना चाहिए। शाखा में जाति और भाषा के भेद भूलकर राष्ट्र की आराधना का भाव रहना चाहिए।
हम अपने आपको भूल गए
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत का परिचय क्या है? यह जमीन का टुकड़ा नहीं है, एक राज्य-व्यवस्था मात्र नहीं है। यह भौतिक जीवन में सुख-भोग में अपने आपको भूलकर, इतिहास को समझे बिना, वर्तमान में भोग-विलास में लुप्त होकर मगन होकर ऐसे मरणासन्न होने वाला समाज नहीं है। हम विजयी समाज हैं। जब संघर्ष की नौबत आती है तो समाज को एक होकर खड़ा होकर उसका सामना करना चाहिए। हम सामना करते आए हैं। भारत में लंबे समय के संघर्ष और गुलामी के कारण हमारे अंदर कुछ कुरीतियां प्रवेश कर गईं। हम अपने आपको भूल गए। समाज की कुरीतियों, आपस में राग-द्वेष, आपस में लड़ाई और संस्कृति से दूर होकर हम अपने आपको भूल गए। गर्व के नाते, एक समाज और राष्ट्र के नाते हम अपने आपको भूल गए थे और सब प्रकार की अवनति में शामिल हो गए।
Created On :   22 Sept 2026 1:20 AM IST













