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MP News: स्वतंत्र किफायती आवास परियोजना के आवासीय इकाईयों की साइज अब 646 वर्गफीट होगी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में स्वतंत्र किफायती आवास परियोजना में आवासीय इकाई अब 60 वर्ग मीटर (646 वर्गफीट) होगी। यह नया प्रावधान राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 14 साल पहले बने भूमि विकास नियम 2012 में किया है जोकि 15 जुलाई 2026 के बाद लागू होंगे। इन्हें बुधवार को नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव प्रमोद शुक्ला ने जारी किया है। इन नये नियमों में एकल स्वामित्व वाले भूखण्ड पर ऊघ्र्वाधर वृध्दिशील आवास यानि वर्टिकल इन्क्रीमेंटल हाउसिंग इन सिंगल ऑनरशिप प्लाट का भी नया प्रावधान किया गया है जिसका आशय एक ऐसी निर्माण शैली, जिसमें एक घर को इस तरह बनाया जाता है कि भविष्य में जरूरत और पैसे बढ़ने पर उस पर और मंजिलें (ऊपर की तरफ) बनाई जा सकें। सिंगल ओनरशिप प्लॉट में पूरी जमीन का मालिक सिर्फ एक व्यक्ति होता है जो शुरुआत में एक मजबूत नींव और मजबूत छत के साथ केवल एक या दो मंजिला घर बनाता है तथा घर का बेस (नींव) इतना मजबूत होता है कि वह भविष्य के वजन को आसानी से सह सके और जब परिवार बढ़ता है या पैसे की बचत होती है, तो नया घर बनाने के बजाय उसी घर की छत पर एक और मंजिल बना ली जाती है, जिसमें ऊपर की मंजिल बनाने के लिए किसी और से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। नये नियमों में किफायती आवासों में ग्राउण्ड कवरेज अधिकतम 75 प्रतिशत तक बढ़ाने और एफएआर 1:3:0 अनुज्ञेय होने का भी प्रावधान किया गया है।
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प्रतिबंधों का भी किया नया प्रावधान
राज्य सरकार ने भूमि विकास नियमों में भूमि उपयोग में विभिन्न प्रतिबंधों का भी नया प्रावधान जारी किया है तथा ये भी आगामी 15 जुलाई 2026 के बाद लागू किये जायेंगे। इसमें आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र में हानिकारक और खतरनाक उद्योग व रसायन भण्डार, शमशान घाट या कब्रिस्तान, गैस गोदाम, सूअर-मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादन, गैस गोदाम प्रतिबंधित रहेंगे जबकि औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारी आवास को छोड़कर पूर्णत: आवासीय टाउनशिप, विद्यालय, हानिकारक और खतरनाक उद्योग, संक्रामक रोग अस्पताल, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, गैस एवं ज्वलनशिप पदार्थों का भण्डारण पर रोक रहेगी। सार्वजनिक और अर्ध सार्वजनिक क्षेत्र, यातायात एवं परिवहन क्षेत्र में भी यही प्रतिबंध रहेंगे जबकि सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधा वाले क्षेत्र में पूर्णत: आवासीय बस्तियां, हानिकारक एवं खतरनाक उद्योग आदि प्रतिबंधित रहेंगे। मिश्रित क्षेत्र में पूर्णत: आवासीय क्षेत्र बन सकेंगे लेकिन उपरोक्त अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी।
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मनोरंजन/हरित क्षेत्र में आवासीय बस्तियां प्रतिबंधित रहेंगी एवं अन्य खतरनाक उद्योगों की स्थापना पर रोक रहेगी। जल निकाय/तालाब क्षेत्र में भूमि भराव, स्थायी निर्माण, औद्योगिक अपशिष्ट, डंपिंग, अतिक्रमण, खनन गतिविधियां, सूअर-मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादन, दाह संस्कार, कब्रिस्तान प्रतिबंधित रहेंगे जबकि विरासत/संरक्षण क्षेत्र में असंगत ऊंची इमारतों का निर्माण नहीं हो सकेगा एवं खतरनाक उद्योग नहीं लग सकेंगे। कृषि क्षेत्र में शहरी आवासीय ले आउट, शहरी वाणिज्यिक परिसर, बड़ी वाणिज्यिक परियोजनायें, खतरनाक उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनायें, बड़े मॉल प्रतिबंधित रहेंगे। ग्रामीण आबादी/चारदीवारी शहरी क्षेत्र में हानिकारक उद्योग नहीं लग सकेंगे।
Created On :   3 July 2026 1:40 AM IST












