MP News: बिजली समस्या से निपटने के लिए पंजाब, यूपी और गुजरात से मांगी, बंद पड़े विद्युत ताप शुरू होंगे

बिजली समस्या से निपटने के लिए पंजाब, यूपी और गुजरात से मांगी, बंद पड़े विद्युत ताप शुरू होंगे
प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कई मंत्रियों ने भी बिजली कटौती को समस्या बताया है। वहीं विपक्ष भी बिजली कटौती को लेकर सवाल खड़े कर रहा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कई मंत्रियों ने भी बिजली कटौती को समस्या बताया है। वहीं विपक्ष भी बिजली कटौती को लेकर सवाल खड़े कर रहा। कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि बारिश के कारण धान की बोवनी लेट हुई, जिसकी वजह से एकदम डिमांड बढ़ गई। इसके लिए गुजरात के सरदार सरोवर से 800 मेगावाट की बिजली भी मिल रही है। पंजाब और यूपी से बिजली लेकर कंट्रोल करने का प्रयास किया है। वहीं विभाग के अनुसार प्रदेश में आज से से 500 मेगावाट बिजली बैंकिंग के जरिए बजली उपलब्ध होगी। आगामी सप्ताह से लगभग 3 से 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध हो जाएगी। बताया गया कि इस साल बिजली की खपत बढ़ी है।

पिछले वर्ष 14 अक्टूबर 2025 तक अधिकतम मांग 11874 मेगावाट थी, जो इस वर्ष 17124 मेगावाट हो गई है। मतलब मांग में लगभग 5000 मेगावाट की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष 1 अक्टूबर 2025 को कृषि के लिए बिजली की मांग 1752 मेगावाट थी जो इस वर्ष 1 अक्टूबर 2026 को ही 3701 मेगावाट हो गई। पिछले वर्ष के मुक़ाबले 14 अक्टूबर 2026 को 38.6 प्रतिशत अधिक बिजली दी गई। पिछले वर्ष 2423 लाख यूनिट बिजली दी गई थी, जबकि इस वर्ष 3310 लाख यूनिट विद्युत आपूर्ति की गई। रबी सीज़न में विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे उपाय-गत वर्ष 3600 मिलियन यूनिट की तुलना में लगभग 225 मिलियन यूनिट अतिरिक्त अग्रिम बिजली बैंकिंग की गई है, जिससे 1 नवम्बर 2026 से 10 मार्च 2027 तक 407 से 3900 मेगावाट विद्युत प्रदेश को प्राप्त होगी। इसके साथ ही नवम्बर 2026 से फरवरी 2027 अवधि के लिए 300-800 मेगावाट अल्पकालिक विद्युत क्रय की निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

जल विद्युत उत्पादन में 1500 मेगावाट की कमी

बारिश कम होने से जलविद्युत उत्पादन क्षमता घटी है। गांधीसागर, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, राजघाट और सरदार सरोवर से जलविद्युत उत्पादन में लगभग 1500 मेगावाट कम हुआ। बताया गया कि देश में कोयले की कमी और तकनीकी समस्या के कारण ताप विद्युत इकाइयों की ट्रिपिंग से ताप विद्युत उत्पादन में भी कमी आई है। लगभग 1000 मेगावाट का उत्पादन प्रभावित हुआ है। सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा और संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर की इकाई में मेंटेनेंस के बाद फिर विद्युत उत्पादन शुरू होने से लगभग 1000 मेगावाट विद्युत उपलब्धता बढ़ी है। 20 अक्टूबर 2026 तक लेनको पावर और एनटीपीसी गाडरवाड़ा की यूनिट से भी बिजली उपलब्ध बढ़ेगी। इससे लगभग 600 मेगावाट की बिजली उपलब्धता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त तकनीकी कारणों से बंद हुई लगभग 1200 मेगावाट की इकाइयां भी एक से दो दिन मे शुरू की जाएंगी।

बिजली एक्सचेंज में भी उपलब्ध नहीं

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में हुई अल्पवृष्टि, धान की सिंचाई और पलेवा के लिए बिजली की मांग में अचानक बढ़ी है। वृद्धि हुई है। भारत के प्रमुख बिजली एक्सचेंज इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में 13 अक्टूबर 2026 की स्थिति में पीक आवर्स में बिजली खरीदने की अधिकतम बोली लगभग 70 हजार मेगावाट की रही ,जबकि इसी समय बेचने वाले केवल 500 मेगावाट (लगभग) रहे। उसकी दर भी 10 रूपए प्रति यूनिट है। पूरे देश में बिजली की कमी है। वर्तमान में बिजली एक्सचेंज में भी बिजली उपलब्ध नहीं है। प्रदेश में विद्युत की पर्याप्त उपलब्धता हो इसके लिए उत्तर प्रदेश से पीक घंटों में 500 मेगावाट बिजली ले रहे हैं। भारत के प्रमुख बिजली एक्सचेंजों से भी विद्युत खरीदने के प्रयास किए जा रहे। इकाइयां जो वार्षिक साधारण के कारण बंद हैं, उन्हें भी जल्द शुरू किया जाएगा।

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा किसान परेशान है

लोडशेडिंग के नाम पर हो रही बिजली कटौती को लेकर विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि दुर्गा उत्सव के समय ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती किसानों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है । सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।

Created On :   16 Oct 2026 11:51 PM IST

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