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जिले में ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द के पंजीयन के लिये 49 केन्द्र स्थापित 16 जून तक कृषक करा सकते हैं अपना पंजीयन!

जिले में ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द के पंजीयन के लिये 49 केन्द्र स्थापित 16 जून तक कृषक करा सकते हैं अपना पंजीयन!

डिजिटल डेस्क | कटनी जिला आपूर्ति अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द के पंजीयन के लिये तहसीलवार 49 पंजीयन केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से जिले के कृषक अपना पंजीयन 16 जून तक करा सकेंगे। वर्ष 201-22 के लिये ग्राीष्मकालीन मूंग का समर्थन मूल्य 7196 रुपये प्रति क्विंटल एवं उड़द के लिये 6000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस संबंध में जिले के किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे अपनी सुविधा अनुसार किसी भी पंजीयन केन्द्र में अपनी ग्रीष्म कालीन फसल मूंग एवं उड़द का पंजीयन समयावधि में करा लें।

पंजीयन के लिये आवश्यक दस्तावेजों में कृषक की समग्र आईडी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक (राष्ट्रीयकृत एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के एकल खाते ही मान्य होंगे, जनधन, ऋण, नाबालिग व बंद एवं अस्थाई रुप से रोके गये खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे), मोबाईल नंबर, ऋण पुस्तिका, वनाधिकार पट्टाधारी या सिकमीदार किसानों को वन पट्टे एवं सिकमी अनुबंध की प्रति उपलब्ध करा सकते हैं। कटनी तहसील अंतर्गत निर्धारित पंजीयन केन्द्रों में सहकारी विपणन संस्था मर्या0 कटनी, प्राथमिक कृषि साख समिति कन्हवारा, प्राथमिक कृषि साख समिति पहाड़ी, प्राथमिक कृषिसाख सहकारी समिति चाका, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति हीरापुर कौडिया शामिल हैं।

इसी प्रकार ढ़ीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख समिति पानउमरिया, प्राथमिक कृषि साख समिति खमतरा, प्राथमिक कृषि साख समिति ढीमरखेड़ा, प्राथमिक कृषि साख समिति दशरमन, प्राथमिक कृषि साख समिति सिलोड़ी, प्राथमिक कृषि साख समिति झिन्ना पिपरिया, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति देवरीमंगेला, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मुरवारी, विपणन सहकारी समिति उमरियापान में पंजीयन कराया जा सकता है। बड़वारा तहसील अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख समिति बड़वारा, प्राथमिक कृषि साख समिति विलायतकला, प्राथमिक कृषि साख समिति अमाड़ी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति नन्हवारा (सेझा), बरही तहसील अंतर्गत् प्राथमिक कृषि साख समिति बरही, प्राथमिक कृषि साख समिति पिपरिया कला, बहोरीबंद तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति कोड़ीया, प्राथमिक कृषि साख समिति बहोरीबंद, प्राथमिक कृषि साख समिति कुआं, प्राथमिक कृषि साख समिति कूड़न, प्राथमिक कृषि साख समिति बाकल, प्राथमिक कृषि साख समिति सिहुड़ी, प्राथमिक कृषि साख समिति बराही, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति इमलिया, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति चाँदनखेडा, प्राथमिक कृषि साख समिति देवरीखरगवां में पंजीयन केन्द्र निर्धारित किये गये हैं। वहीं रीठी तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति रीठी, प्राथमिक कृषि साख समिति बिलहरी, प्राथमिक कृषि साख समिति बड़गांव, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिलगवां, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति देवगांव, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रैपुरा, और विजयराघवगढ तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति उबरा, प्राथमिक कृषि साख समिति सिंगोड़ी, प्राथमिक कृषि साख समिति विजयराघवगढ़, प्राथमिक कृषि साख समिति देवराकला, प्राथमिक कृषि साख समिति जिवारा, प्राथमिक कृषि साख समिति नन्हवारा, प्राथमिक कृषि साख समिति कारीतलाई, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सलैया कोहारी, स्लीमनाबाद तहसील में प्राथमिक कृषि साख समिति तेवरी, प्राथमिक कृषि साख समिति सलीमनावाद, प्राथमिक कृषि साख समिति पड़रभटा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धरवारा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धूरी में पंजीयन केन्द्र स्थापित किये गये हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।