मांग: चंडीगढ़ की तर्ज पर चंद्रपुर में बनाएं एयर प्यूरीफायर टाॅवर

July 9th, 2022

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। चंद्रपुर शहर के हवा प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने चंडीगढ़ की तर्ज पर शहर में एयर प्यूरीफायर टावर खनिज लगाने की मांग इको-प्रो ने जिलाधिकारी अजय गुल्हाने से की है। शहर के नागिरकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रदूषण नियंत्रण विषयक व्यापक उपाययोजना, सभी स्तर पर जनजागरूकता, स्वास्थ्य सर्वेक्षण और प्रदूषण नियंत्रण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इसके व्यापक जनजागृति के लिए इको-प्रो ‘माझा हक, शुद्ध हवा’ अभियान चला रहा है। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए अब ‘चंडीगढ़’ शहर के सफल प्रयोग को देखते हुए चंद्रपुर शहर में भी बढ़ते वायु प्रदूषण पर उपाय खोजना अनिवार्य हो गया है। अभियान के ईको-प्रो ने गुरुवार को जिलाधिकारी अजय गुलहाने को ज्ञापन देकर इको-प्रो के अध्यक्ष बंडू धोत्रे और इको-प्रो पर्यावरण विभाग के प्रमुख नितिन रामटेके ने एयर प्यूरीफायर टॉवर के निर्माण की मांग की है।

भारतीय प्रौद्योगिकी द्वारा विकसित प्रदूषित हवा को शुद्ध करने का संयंत्र एक बेहतरीन विकल्प है और प्रदूषण को काफी हद तक कम करता है। पिछले साल चंडीगढ़ में जो टाॅवर लगाया गया था, उसका अच्छा परिणाम आया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि, यह देश का सबसे ऊंचा 24 मीटर टाॅवर है, जो लगभग एक किमी के दायरे में हवा को शुद्ध करने में सक्षम है।  टाॅवर प्रदूषित हवा की गुणवत्ता और शुद्धिकरण के बाद वातावरण में छोड़ी गई हवा की गुणवत्ता को निर्धारित करने में भी मदद करता है। 

शहर में प्रदूषण नियंत्रण को दें प्राथमिकता : प्रदूषण नियंत्रण के लिए ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना को चंद्रपुर में लागू करने की आवश्यकता है, जो राज्य और देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ऊपर है। चंद्रपुर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रदूषण मुक्त परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात धोतरे ने कही। जिलाधिकारी गुल्हाने और आयुक्त राजेश मोहिते को एयर प्यूरीफायर टॉवर, इसकी कार्यप्रणाली और परिणामों के बारे में एक प्रस्तुति दी गई थी।

आज देशभर के कई शहरों में वायु प्रदूषण को देखते हुए खुली हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। चंद्रपुर राज्य और देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में है। शहर में वायु प्रदूषण को इस तथ्य से रेखांकित किया गया है कि, पिछले साल शहर में बनाए गए कृत्रिम फेफड़े केवल छह दिनों में काले हो गए हैं।  शहर के प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर महाराष्ट्र का प्रथम प्रयोग चंद्रपुर शहर में करने की दृष्टि से यह ‘एयर प्यूरीफायर टाॅवर’ को खड़ा कर इस शहर में प्रदूषण से पीड़ित नागरिकों को कुछ राहत दी जानी चाहिए। टाॅवर के प्रथम चरण को ‘पायलट प्रोजेक्ट’ का दर्जा दिए जाने के लिए खनिज विकास िनधि से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।