एआई का दुखद इस्तेमाल: Meta पर AI से छंटनी का आरोप! क्या बीमार कर्मचारियों को बनाया गया निशाना?

Meta पर AI से छंटनी का आरोप! क्या बीमार कर्मचारियों को बनाया गया निशाना?
मुकदमे में दावा किया गया है कि जिन कर्मचारियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जो विकलांगता से जूझ रहे थे या मेडिकल लीव और पैरेंटल लीव पर थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां भर्ती से लेकर कर्मचारियों की परफोर्मेंस का आकलन करने तक कई काम AI की मदद से कर रही हैं। लेकिन अब इसी AI को लेकर Meta मुश्किल में घिर गई है। Facebook और Instagram की मूल कंपनी Meta पर आरोप लगा है कि उसने AI आधारित सिस्टम और प्रोडक्टिविटी डेटा का इस्तेमाल कर छंटनी के लिए कर्मचारियों का चयन किया। खास बात यह है कि आरोप लगाने वाले कर्मचारियों का दावा है कि बीमार, विकलांग और छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

क्या हैं कर्मचारियों के आरोप?

अमेरिका में Meta के 26 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने AI आधारित सिस्टम और आंतरिक परफॉर्मेंस स्कोर का इस्तेमाल करके यह तय किया कि किन कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी।

मुकदमे में दावा किया गया है कि जिन कर्मचारियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जो विकलांगता से जूझ रहे थे या मेडिकल लीव और पैरेंटल लीव पर थे, उन्हें सिस्टम में कम उत्पादक दिखाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे ऐसे लोगों के छंटनी की सूची में शामिल होने की संभावना बढ़ गई। उनका आरोप है कि AI और प्रोडक्टिविटी डेटा के आधार पर लिए गए फैसलों ने उनके साथ न्याय नहीं किया।

Meta का जवाब और अदालत से कर्मचारियों की मांग

Meta ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि छंटनी का फैसला किसी AI सिस्टम ने नहीं, बल्कि कंपनी के मानव प्रबंधकों और अधिकारियों ने लिया। Meta के मुताबिक कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और कंपनी ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। दूसरी ओर, मुकदमा करने वाले कर्मचारियों ने अदालत से मांग की है कि 22 जुलाई से शुरू होने वाली छंटनी पर अस्थायी रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाना चाहिए।

फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है। अभी तक किसी अदालत ने यह नहीं माना है कि Meta ने वास्तव में AI का गलत इस्तेमाल किया या नहीं। अंतिम फैसला आना बाकी है। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे भविष्य में यह तय हो सकता है कि कंपनियां कर्मचारियों के मूल्यांकन और छंटनी जैसे संवेदनशील फैसलों में AI का इस्तेमाल किस सीमा तक और किन नियमों के तहत कर सकती हैं।

Created On :   15 July 2026 11:28 AM IST

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