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App Ban: PUBG और Zoom को भारत में आखिर क्यों नहीं किया गया बैन, ये है बड़ी वजह

App Ban: PUBG और Zoom को भारत में आखिर क्यों नहीं किया गया बैन, ये है बड़ी वजह

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार ने डिजिटल सर्जिकल स्‍ट्राइक करते हुए 59 चीनी एप को प्रतिबंधित कर दिया है। आईटी एक्ट 2000 के तहत प्रतिबंधित इन एप्स में Tik Tok (टिक टॉक), UC Browser (यूसी ब्राउजर) सहित चीन के 59 पॉपुलर ऐप पर शामिल हैं। बैन की वजह ऐप से होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताई गई है। हालांकि इस लिस्ट में PUBG (पबजी) और Zoom (जूम) शामिल नहीं है। जिसको लेकर Twitter पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। 

लोगों का कहना है कि दोनों ही एप को जल्द से जल्द बैन किया जाना चाहिए। यूजर्स का सवाल है कि इतने सारे चीनी ऐप प्रतिबंध के बीच PUBG और Zoom ऐप को क्यों नहीं बैन किया गया? जबकि खुद भारत सरकार ने बीते दिनों इन एप्स का इस्तेमाल ना करने की एडवायजरी जारी की थी। यदि आपके दिमाग में भी कुछ ऐसे ही सवाल उठ रहे हैं, तो आइए जानते हैं दोनों एप को प्रतिबंधित ना किए जाने की बड़ी वजह...

भारत में Tik Tok समेत 59 चाइनीज एप पर बैन

PUBG
PUBG काफी पॉपुलर गेम है, हालांकि यह जानकारी कम ही लोगों को है कि PUBG चीनी नहीं बल्कि साउथ कोरियाई ऑनलाइन वीडियो गेम है। इस गेम ​को ब्लूव्हेल की सहायक कंपनी Battleground (बैटलग्राउंड) ने बनाया है। यह गेम 2000 की जापानी फिल्म Battle Royal से प्रभावित था और इसे Brendan ने बनाया था। साउथ कोरिया में इस गेम को Kakao Games की तरफ से मार्केटेड और डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है। 

चीनी सरकार ने भी शुरुआत में PUBG गेम को चीन में इजाजत नहीं दी थी, लेकिन बाद में चीन के सबसे बड़े वीडियो गेम पब्लिशर टीसेंट की मदद से इसे चीन में पेश किया गया। इसके बदले उसे इस गेम में शेयर दिया गया था। चीन में इसे Game of peace (गेम ऑफ पीस) के नाम से पेश किया गया था।

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Zoom
अब बात करें Zoom (जूम) की तो इसे भी बैन किए गए 59 चीनी एप में शामिल नहीं किया गया। इसका कारण यह कि Zoom कम्यूनिकेशन एक अमेरिकी कंपनी है। इसका हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के सेन जॉस में है। हालांकि कंपनी की बड़ी वर्कफोर्स चीन में काम करती है। बता दें कि Zoom वीडियो कॉलिंग के लिए भारत में पॉपुलर एप है, लेकिन डाटा सिक्योरिटी को लेकर इस पर काफी सवाल उठे। जिसके बाद भारत सरकार द्वारा इसे यूज ना किए जाने की एडवायजरी भी जारी की गई। हालांकि बाद में कंपनी ने इसमें सुधार का दावा किया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।