आजब-गजब: क्या धरती पर शुरू होने जा रहा है छठा सामूहिक विनाश 

January 19th, 2022

डिजिटल डेस्क, नई दिुल्ली। वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती पर छठा सामूहिक विनाश शुरू हो गया है। पहले हुई पांच सामूहिक घटनाएं तो प्राकृतिक थी पर वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार होने वाला सामूहिक विनाश इंसानी गतिविधियों की वजह से होगा। कई प्रजातियों के जीवों की मौत काफी बड़ी की संख्या में हो रही है, जिसके पीछे इंसान जिम्मेदार है। 

Earth's Sixth Mass Extinction

बायोलॉजिकल रिव्यू जर्नल के तहत पिछले 500  सालों में धरती से करीब 13  फीसदी अकशेरुकीय प्रजातियां खत्म हो चुके हैं। इसे रोकने के लिए वैज्ञानिकों ने ये चेतावनी दी है कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो जीव विविधता में गिरावट आ जायेगी। वैज्ञानिकों की इस बात को प्रमाणित भी किया जा चुका है।जिन 13  फीसदी जीवों की बात की जा रही थी, उन्ही के बारे में भी इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की रेड लिस्ट ऑफ थ्रेटेंड स्पिसीज में भी इसका जिक्र है। 

Earth's Sixth Mass Extinction

हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये लिस्ट एकतरफा है क्योंकि इस लिस्ट में स्तनधारी और पक्षी जाती शामिल है और अकशेरुकीय जीवों के नाम कम है। इस लिस्ट में अकशेरुकीय जीवों को बचाने का ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।  शोधकर्ताओं के हिसाब से अकशेरुकीय प्रजातीय के जीवों की सूची बताती है की बड़े पैमाने पर हम इन जीवों को खो रहे हैं। ये वो प्रजाति है जो तेजी से खत्म होती जा रही है। 2015  की एक स्टडी के अनुसार वैज्ञानिक धरती से मोलस्क के खतम होने की बात कह रहे हैं।

Earth's Sixth Mass Extinction

जारी की गई रेड लिस्ट के हिसाब से देखे तो कुल मिलाकर 882  प्रजातियों में से 1.50 लाख से लेकर 2.60 लाख मोलास्क धरती से खत्म हो चुके है। शोधकर्ताओं के अनुसार ये जानकारी उपरी है, एकदम बारीक जानकारी हासिल करना मुश्किल है क्योंकि इसके लिए दुनिया में हर समुद्र आर जमीन की जांच करनी पड़ेगी। ये संख्या इंसानी गतिविधियों की वजह से काम हुई इसे प्रमाणित कर दिया गया है। 

Earth's Sixth Mass Extinction

रॉबर्ट कवि जो स्टडी में शामिल है उनके हिसाब से इंसान ही है जो किसी भी प्रकार के प्रक्रिया में बदलाव लाने की क्षमता रखता है और भविष्य को बदलने की भी क्षमता रखता है। जो जैव विविधता पर असर डालता है। रॉबर्ट कोवि के हिसाब से इंसान ही है जो विकास को बदलने और आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है। 

Earth's Sixth Mass Extinction

उनके हिसाब से ये भी कन्फर्म है की अगर किसी प्रकार के विनाश की ओर अग्रसर हो रहे है तो उसका कारण भी इंसान ही है। और वह ये भी कहते है की जिस प्रकार से जीव खत्म हो रहे है इस हिसाब से धरती पर छटा सामूहिक विनाश की शुरुवात हो चुकी है।

Earth's Sixth Mass Extinction