आज से जेल में बागवानी करेंगे लालू, 2013 में भी जेल में लगाया था पौधा

आज से जेल में बागवानी करेंगे लालू, 2013 में भी जेल में लगाया था पौधा

Bhaskar Hindi
Update: 2018-01-10 05:06 GMT
आज से जेल में बागवानी करेंगे लालू, 2013 में भी जेल में लगाया था पौधा

डिजिटल डेस्क रांची।  बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले मामले पर लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा का ऐलान होने के बाद रांची की जेल में सजा काट रहे है। लालू यादव आज से जेल में बागवानी का काम करेंगे। जेल प्रशासन ने उन्हें मली का काम सौंपा है।  इस लिए उन्हें 93 रुपए रोजाना का मेहनताना दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में जब वह जेल गये थे, उस समय भी वह बागवानी का काम करते थे। वहीं जेल में लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को लालू को ठंड लग गई थी। जिसके बाद जेल में डॉक्टरों ने लालू की जांच की।

2013 में भी बागवानी करते थे लालू

2013 में जब वह जेल गये थे, उस समय भी वह बागवानी करते थे।  उस समय उन्होंने कदम का एक पेड़ लगाया था। अब कदम का वह पेड़ बड़ा हो गया है और उसमें फल भी लग रहे हैं।  खाने में कदम की चटनी बड़े चाव से लालू खाते हैं। दोपहर के खाने में हर दिन उन्हें कदम के फल की चटनी परोसी जाती है। जेलर सीएस सुमन के अनुसार लालू के अलावा चारा घोटाला के अन्य कैदियों के काम भी तय कर दिये गये हैं। जेल मैन्युअल के अनुसार सजायाफ्ता कैदी की ही तरह लालू प्रसाद यादव को जेल में रहना होगा। सुबह 5.30 बजे तक उठना, लाइन लगकर गिनती कराना व खाना लेना होगा। खुद अपने बर्तन भी धोने होंगे। हर दिन उन्हें निर्धारित घंटे काम करना होगा।

ओपन जेल में बागवानी और पशु पालन

रांची से करीब 100 किलोमीटर दूर बनी हजारीबाग की ओपन जेल नवंबर 2013 में बनकर तैयार हुई थी। जानकारी के मुताबिक इस जेल में 100 कॉटेज बने हुए हैं इन कॉटेज में रहने के साथ ही खाना बनाने और ज्वाइंट बाथरूम की भी सुविधा है और इसके जरिए एक कैदी को ऐसा माहौल देने की कोशिश की जाती है जिससे कि वह समाज की मुख्यधारा में आसानी से वापस आ सके। इस जेल में सजायाफ्ता कैदी के 18 साल से कम उम्र के बच्चे और उसकी पत्नी भी कुछ दिन उसके साथ गुजार सकते हैं। हजारीबाग की ओपन जेल के अंदर बागवानी होती है, सिलाई बुनाई का काम भी होता है और इसके साथ ही में पशु पालन को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं हालांकि अभी तक यहां पर पशु नहीं पहुंचे हैं लेकिन जल्द ही पशु भी यहां पर लाए जाने की योजना पर विचार हो रहा है।

बेचैनी में कटी थी रात

बताया जाता है कि सजा के ऐलान के बाद लालू यादव की पहली रात बेचैनी में कटी थी। इस दौरान लालू बेहद मायूस दिख रहे थे। शाम को उन्‍होंने चाय तक नहीं पी थी, नाश्ता भी नहीं किया। रात में खाने के लिए उनकी इच्‍छा के अनुसार अरहर दाल व मिक्‍स वेज की सब्‍जी बनाई गई थी।  इसके बाद भी उन्‍होंने देर रात केवल एक रोटी खाई थी। वहीं सुबह भी वह जल्दी उठ गए थे।

खटखटाएंगे HC का दरवाजा

दोषी ठहराए जाने बाद इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की साजिश बता चुकी राष्ट्रीय जनता दल अब रांची की सीबीआई अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा, "हमलोग अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा यकीन है।" वहीं लालू के वकील प्रभात कुमार ने बताया, "हम जजमेंट की कॉपी पढ़ेंगे और जल्द से जल्द शुक्रवार को या फिर अगले हफ्ते सोमवार को हाई कोर्ट जाएंगे।" इस सवाल पर कि क्या लालू अपनी बहन के निधन के बाद परोल पर बाहर आएंगे, उनके वकील ने कहा कि अब तक हमने इस पर विचार नहीं किया है। हम जल्द से जल्द हाई कोर्ट का रुख करेंगे। 

ये है मामला

आपको बता दें कि 6 जनवरी को शाम करीब 4 बजे कोर्ट ने राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को 3.5 साल की सजा सुनाई है। इससे पहले रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 23 दिसंबर को इस घोटाले से जुड़े देवघर ट्रेजरी मामले में लालू यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। देवघर कोषागार से अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपये निकालने के मामले में यह बड़ा फैसला आया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू समेत सभी 16 दोषियों ने रांची की बिरसा मुंडा जेल में एक साथ बैठकर जज का फैसला सुना।

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