नतीजों से पहले एक्टिव हुआ विपक्ष, EVM पर बैठक के बाद EC से मिले नेता 

नतीजों से पहले एक्टिव हुआ विपक्ष, EVM पर बैठक के बाद EC से मिले नेता 

Bhaskar Hindi
Update: 2019-05-21 09:46 GMT
नतीजों से पहले एक्टिव हुआ विपक्ष, EVM पर बैठक के बाद EC से मिले नेता 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आने से पहले ही नई सरकार बनाने के लिए विपक्षी दलों में सियासी हलचल तेज हो गई है। 23 मई को चुनाव के नतीजे आने हैं। इससे पहले ही 19 विपक्षी दलों ने आज (21 मई) दिल्ली में संयुक्त बैठक की। इसमें सभी दलों ने साझा रणनीति बनाने और EVM के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक के बाद नेता चुनाव नतीजों के दिन EVM-VVPAT में 100 प्रतिशत मिलान की मांग चुनाव आयोग पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।   

विपक्ष के 22 दलों ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि, वोटों की गिनती से पहले किसी भी एक बूथ पर ईवीएम के वोट का वीवीपैट से मिलान करें। अगर कोई भी गड़बड़ी पाई जाए तो वीवीपैट पर्ची की ही गिनती हो। अंतिम राउंड की गिनती में वीवीपैट से मिलान की जगह शुरूआत में मिलान करें।

19 दलों ने की बैठक
ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 19 विपक्षी दलों ने बैठक की। कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता बैठक में शामिल हुए। आंध्र प्रदेश के सीएम और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चुनाव आयोग से ईवीएम के मुद्दे पर शिकायत करने का फैसला लिया गया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव, राजद के नेता मनोज झा भी बैठक में शामिल हुए। बैठक से पहले सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा, विपक्ष डरा हुआ नहीं है, जो डरे हुए हैं वो गुफा में बैठ रहे हैं।

बैठक खत्म होने के बाद विपक्षी दलों के नेता 100 फीसदी ईवीएम के साथ वीवीपैट की मिलान की मांग को चुनाव आयोग के दफ्तर निर्वाचन सदन पहुंचे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद ने चुनाव आयोग से मुलाकात की।

बता दें कि इससे पहले सुबह सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट से मतगणना की मांग को खारिज कर दिया था। चुनाव आयोग ने भी नतीजों से पहले ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के विपक्षी दलों के आरोपों पर जवाब दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई को होने वाली मतों की गिनती के दौरान VVPAT मशीनों की पर्ची का EVM के आंकड़ों के साथ 100 प्रतिशत मिलान करने की मांग वाली जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। यह याचिका चेन्नई के एक गैर सरकारी संगठन ‘टेक फार आल’ की ओर से दायर की गई थी। जस्टिस अरूण मिश्र ने कहा, हम चीफ जस्टिस के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते हैं। यह बकवास है। गौरतलब है कि इससे पहले 7 मई को शीर्ष अदालत ने 21 विपक्षी दलों की ओर से दायर समीक्षा याचिका खारिज कर दी थी।

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