राज्यसभा में बोले PM मोदी- इसी सदन से हुई धारा 370 को हटाने की शुरुआत

राज्यसभा में बोले PM मोदी- इसी सदन से हुई धारा 370 को हटाने की शुरुआत

Bhaskar Hindi
Update: 2019-11-18 02:18 GMT
राज्यसभा में बोले PM मोदी- इसी सदन से हुई धारा 370 को हटाने की शुरुआत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। यह सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में केंद्र सरकार 27 नए बिल लाने की तैयारी में है। खास तौर पर केंद्र सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक को पारित करवाना चाहेगी। विपक्षी दल भी आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और कश्मीर में मौजूदा हालात को लेकर सरकार पर हमला करने की तैयारी में है।

UPDATE: 

- तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना सहित अन्य विपक्षी दलों ने राज्यसभा सभापति वेकैंया नायडू को नाटिस दिया। 

 

- लोकसभा की कार्यवाही वापस शुरू।

- कहीं विरोधभाव पैदा नहीं हुआ :

  • पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले पांच साल का समय देखें तो यही सदन है जिसने तीन तलाक का बिल पास करके महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा काम किया है। इसी सदन ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, लेकिन कहीं विरोधभाव पैदा नहीं हुआ। 

- एनसीपी-बीजीडी की तारीफ :

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीपी और बीजीडी पार्टी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने संसदीय मानदंड़ों का कड़ाई से पालन किया है। पार्टियों ने अपनी बातों को बहुत प्रभावी ढंग से उठाया है। हमें उनसे सीखना चाहिए। 

 

- राज्यसभा में अवसर बढ़ जाता है:

  • उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र के अच्छे होने की बात होती है, तो राज्यसभा का अवसर बढ़ जाता है। यह माना जाता था कि तीन तालाक बिल राज्यसभा में पारित नहीं होगा, लेकिन यह हुआ। यहां तक की जीएसटी भी राज्यसभा के कारण आया। पीएम मोदी ने कहा कि, इसी सदन ने जीएसटी के रूप में वन नेशन-वन टेक्स की ओर सहमति बनाकर देश को नई दिशा दी। अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने की शुरुआत पहले इसी सदन में हुई। 
  •  पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी ने कहा था, राज्यसभा का दूसरा सदन हो सकता है लेकिन इसे द्वितीयक सदन नहीं कहा जाना चाहिए। आज मैं अटलजी के विचारों से सहमत हूं। यह जोड़ना चाहता हूं कि राष्ट्रीय विकास के लिए राज्यसभा एक सक्रिय सहायक सदन होना चाहिए। 

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में राज्यसभा में योदगान देने वालों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सदन में बदले हालात में खुद को ढालने की कोशिश की। पीएम ने कहा कि राज्यसभा के 250वें सत्र में शामिल होना मेरा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदलती गई और सदन ने बदली हुई परिस्थितियों में खुद को ढालने का प्रयास किया। सदन के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।

 

- लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित। 

- राज्यसभा में मार्शलों की वर्दी बदली गई। 

 

- राज्यसभा के इस सदन के 250वें सत्र में विशेष चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 2 बजे सदन में बोलेंगे। 

 

- टीएमसी नेता नुसरत जहां संसद नहीं पहुंची। सांस की समस्या के कारण उन्हें कल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

 

- राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

 

- शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यसभा में कहा कि संघर्ष का दूसरा नाम अरुण जेटली था। उनके हर संघर्ष में मैं उनके साथ रहा। हमने जेटली जी से सीखा कि संबंध क्या है और उन्हें कैसे बनाए रखना है। 

 

-लोकसभा में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला जी को हिरासत में लिए आज 108 दिन हो गए हैं। ये क्या जुल्म हो रहा है? हम चाहते हैं कि उन्हें ससंद में लाया जाए। 

 

- लोकसभा में विपक्षी दलों ने फारूक अब्दुल्ला की रिहाई का मामला उठाया। सांसदों ने नारे लगए, विपक्ष पर हमला बंद करो। फारूक अब्दुल्ला जी को रिहा करो। हम न्याय चाहते हैं। 

- लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान आप सांसद भगवंत मान ने भाजपास सांसद अनुराग ठाकुर से पूछा कि, क्या सरकार ये मानने के लिए तैयार है कि देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा है।

 

- प्रश्नकाल के दौरान हंगामे के दौरान शिवसेना के नेता लोकसभा की बहस छोड़ बाहर जा चुके हैं। 

- केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इलेक्ट्रिक कार से संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कारों पर स्विच कर रही है, क्योंकि वे प्रदूषण मुक्त हैं। मैं लोगों से प्रदूषण से लड़ने के लिए योगदान देने की अपील करता हूं। 

 

- राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं अरुण जेटली को व्यक्तिगत रूप से जानता था। छात्र जीवन से लेकर अपनी मृत्यु तक वह काफी सक्रिय रहे। वह एक अच्छे छात्र, अच्छे संचालक और अच्छे नेता थे। जेटली जी के जाने से किसी एक पार्टी को नहीं बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ है। 

 

- प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा में हंगामा। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सदस्यों से शांत रहने की अपील की।

- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर के खिलाफ संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन किया। 

 

- राज्यसभा के सभापति वैंकैया नायडू की अध्यक्षता में राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। राज्यसभा में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों जगन्नाथ मिश्रा, अरुण जेटली, सुखदेव सिंह, राम जेठमलानी और गुरुदास गुप्ता को याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। 

- लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में शीतकालीन सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। दोनों सदनों में नए सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही है। 

- राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र

- महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग को लेकर शिवसेना नेताओं ने संसद परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास धरना दिया। 

 

- कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता को लेकर लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

 

- सभी दलों से सहयोग की उम्मीद - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले यहां कहा कि सरकार को पिछले सत्रों की तरह इस सत्र में भी सभी दलों से सहयोग मिलने की उम्मीद है। पीएम ने सत्र शुरू होने से कुछ मिनट पहले मीडिया से कहा, संविधान देश की एकता, अखंडता और विविधता को समेटे हुए है। पिछले दिनों सभी दलों के नेताओं से मिलने का मौका मिला, जिस तरह से पिछला सत्र सभी दलों के सहयोग से चला था, इस बार भी ऐसा ही होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, सरकार सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा चाहती है। वाद हो-विवाद हो और इसके साथ ही सदन की चर्चा को समृद्ध बनाने में सभी योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है और इस बीच 26 नवंबर को संविधान दिवस भी है, जब संविधान 70 साल का हो रहा है।

 

- शिवसेना ने महाराष्ट्र में किसानों की समस्या को लेकर लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव। 

 

क्या है नागरिकता बिल?
मोदी सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक को संसद में पारित करवाना चाहेगी। नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार भारत की नागरिकता के लिए आवेदक का पिछले 11 से 14 वर्ष तक भारत में निवास करना जरूरी है। संशोधन में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों के लिए यह अवधि 11 साल से घटाकर 6 साल हो गई है। इस बिल के पास होने से मुस्लिम आबादी बहुल पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले गैर-मुस्लिम अप्रवासियों के लिए भारत की नागरिकता लेना आसान हो जाएगा।

एनआरसी मुद्दे भी अहम
एनआरसी असम में एक लंबित मांग रही है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर असम में अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें पंजी से हटाया गया है, लेकिन इसके लागू होने के बाद इसे देशभर में लागू करने की मांग तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी चुनावी रैलियों के दौरान इस मसले को उठाया। बीते महीने अक्टूबर में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में इस मसले को उठाया। उन्होंने कहा, हमने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक लाया, लेकिन टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस पार्टी) ने उच्च सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। उन्होंने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। हमारे देश में ऐसे लोग हैं जिन्हें अब तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने भी अपने चुनावी अभियान के दौरान प्रदेश में एनआरसी लाने का वादा किया।

पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन पर कानून
सरकार पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन पर कानून बनाने के लिए विधेयक ला सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद पहले ही कह चुके हैं कि सरकार संसद में पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2018 पेश करने की योजना बना रही है। सरकार ने विधेयक का मसौदा बीते साल ही जारी किया था, लेकिन उसके तुरंत बाद कई वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे देश में उनके व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, साथ ही इसके संचालन की लागत भी बढ़ेगी। हालांकि अभी आखिरी मसौदे के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है।हाल फिलहाल में उपयोगकर्ताओं के निजी जानकारी एकत्र करने के कई मामले सामने आए। इसमें व्हाट्सएप डेटा सुरक्षा और गोपनीयता भंग होने जैसे मामले भी शामिल थे, जिसकी वजह लोगों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की और देश में डेटा सुरक्षा का मुद्दा उठने लगा।

चिटफंड विधेयक पास कराने की कोशिश
भाजपा सरकार संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन चिटफंड (संशोधन) विधेयक 2019 को पारित करवाने की कोशिश करेगी। इस विधेयक का मकसद चिटफंड सेक्टर के सुचारु विकास को सुगम बनाते हुए उद्योग जिन बाधाओं से जूझ रहा है उसे दूर करना है। इस विधेयक से चिटफंड योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और इसके ग्राहकों को सुरक्षा मिलेगी।चिटफंड (संशोधन) विधेयक 2019 उन 12 लंबित विधेयकों में शामिल है जिन्हें संसद में चर्चा कर पारित करवाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। वर्तमान में संसद में 43 विधेयक लंबित हैं। इनमें से 27 विधेयक पेश करने, विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं जबकि सात विधेयक वापस लिए जाने हैं।


 

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