RBI MPC Meeting: आरबीआई का बड़ा फैसला, रेपो रेट में की 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी, अब महंगी होगी लोन की EMI

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज (07 अक्टूबर 2026, बुधवार) खत्म हो चुकी है। इसी के साथ आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने एमपीसी के फैसले की घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेटो में 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद रेपो रेट अब 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है।
रेपो रेट में इस बढ़ोतरी से बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, क्योंकि होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ने से मासिक किस्तें (EMI) महंगी हो सकती हैं।
करीब 4 साल बाद पहली बार बढ़ा रेपो रेट
बता दें कि, RBI ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है। इससे पहले 2025 में महंगाई में कमी को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कुल 1.25% यानी 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिन चली MPC बैठक के बाद फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखना जरूरी है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। महंगे तेल से भारत में पेट्रोल-डीजल और दूसरी चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई पर भी पड़ सकता है। RBI ने इसी जोखिम को देखते हुए ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।
महंगाई फिर बढ़ने की आशंका
RBI गवर्नर ने कहा कि दुनिया में महंगाई के दोबारा बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से कई बड़े केंद्रीय बैंक भी अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। RBI के अनुमान के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में महंगाई 4.9%, तीसरी तिमाही में 6% और चौथी तिमाही में 5.7% रह सकती है। वहीं, वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 5.6% रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में कोर महंगाई का अनुमान 4.4% है।
अगस्त में महंगाई 4.5% से बढ़कर 4.8% हुई
RBI के मुताबिक अगस्त में CPI महंगाई बढ़कर 4.8% हो गई, जबकि इससे पहले यह 4.5% थी। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाद्य और ईंधन की कीमतों में तेजी रही। इसके अलावा कोर महंगाई में भी बढ़ोतरी हुई है। RBI के मुताबिक इसका मतलब है कि कीमतों का दबाव अब अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई देने लगा है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो जाता है। बैंक इसका असर ग्राहकों के कर्ज पर डाल सकते हैं। ऐसे में नए लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है और फ्लोटिंग रेट वाले पुराने लोन की EMI भी बढ़ सकती है। यानी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों की जेब पर आने वाले दिनों में अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
Created On :   7 Oct 2026 2:21 PM IST















