दैनिक भास्कर हिंदी: अब पैराडाइज पेपर्स में घिरे अमिताभ, जयंत सिन्हा समेत 714 भारतीयों के नाम भी शामिल  

November 6th, 2017

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। दुनिया के कई बैंकों में रईसों ने अपनी संपत्ति छुपा रखी हैं इस बात का खुलासा पनामा पेपर्स में हुआ था। जिसमें पाकिस्तान पीएम नवाज शरीफ से लेकर कई बड़े नाम शामिल थे। अब पैराडाइज पेपर्स में भी दुनिया के कई छुपे खजांचियों पर बड़ा खुलासा हुआ है। पैराडाइज पेपर्स में 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोगों के गुप्त निवेश, टैक्स चोरी और पैसों को एक देश से दूसरे देश भेजने से जुड़े वित्तीय फर्मों के ऐसे खुलासे हुए हैं। 

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इन नामचीन हस्तियों में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई मंत्रियों, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो के मुख्य फंडरेजर सहित कई भारतीय जैसे विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, सांसद रवींद्र किशोर सिन्हा, अमिताभ बच्चन समेत कई हस्तियों के नाम शामिल हैं। पैराडाइज पेपर्स खुलासे में अभिनेता संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त का भी नाम शामिल है। दस्तावेजों में मान्यता दत्त के पुराने नाम दिलनशीं का भी जिक्र है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों ने विदेशी फर्मों और फर्जी कंपनियों की मदद से अपने धन को ठिकाने लगाया।

 

क्या है पैराडाइज पेपर्स ?

पैराइाइज पेपर्स लीक में पनामा की तरह ही कई भारतीय राजनेताओं, अभिनेताओं और कारोबारियों के नामों का खुलासा हुआ है। पनामा पेपर्स लीक के ठीक 18 महीने बाद पैराडाइज पेपर्स खुलासा हुआ है जिसमें 19 टैक्स हैवेन देशों और कंपनियों के बारे में खुलासा हुआ है। इसके जरिए दुनिया भर के अमीर और कारोबारी ताकतवर लोगों के पैसों को दूसरे देश भेजने में मदद करते हैं।

इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की ओर से 1.34 करोड़ दस्तावेजों की जांच के बाद इन नामों का खुलासा किया गया है, जिसे पैराडाइज पेपर्स का नाम दिया गया है। ICIJ ने अपनी वेबसाइट पर भी दस्तावेजों की जांच के बाद सामने आए तमाम नामों कि लिस्ट जारी की है। 

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विदेशी फर्मों और फर्जी कंपनियों को लेकर खुलासा

पैराडाइज पेपर्स में उन विदेशी फर्मों और फर्जी कंपनियों के बारे में बताया गया है, जो इन हस्तियों के पैसे विदेशों में भेजने में उनकी मदद करते हैं। ये दस्तावेज एक जर्मन अखबार जीटॉयचे साइटुंग ने टैक्स हेवेन के नाम से जाने जाने वाले 19 देशों से ये दस्तावेज हासिल किए और दुनिया भर के 90 मीडिया संस्थानों के साथ मिलकर खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम (ICIJ) ने इनकी जांच की। इस कंसोर्टियम में शामिल अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पैराडाइज पेपर्स में 180 देशों के लोगों की जानकारियां मिली हैं। इसमें 714 भारतीयों के भी नाम हैं। 

 

अमिताभ का नाम क्यों?

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अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) के 2000-02 में प्रसारित पहले संस्करण के बाद बरमूडा की एक डिजिटल मीडिया कंपनी के शेयरधारक बने थे। साल 2004 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिबरलाइज्ड रिमिटेंस स्कीम शुरू करने से पहले तक सभी भारतीयों को विदेश में किए गए निवेश की जानकारी आरबीआई को देनी होती थी। ये साफ नहीं है कि अमिताभ बच्चन ने ये जानकारी आरबीआई को दी थी या नहीं। बरमूडा की कंपनी एप्पलबी के दस्तावेजों के अनुसार अमिताभ बच्चन और सिलिकॉन वैली के वेंचर इन्वेस्टर नवीन चड्ढा जलवा मीडिया लिमिटेड के 19 जून 2002 को शेयरधारक बने थे। ये कंपनी बरमूडा में 20 जुलाई 2002 को बनाई गई थी और साल 2005 में इसे भंग कर दिया गया। जलवा मीडिया शुरुआती डिजिटल मीडिया वेंचर में एक है। इसकी स्थापना चार भारतीय एंटरप्रेन्योर ने जनवरी 2000 में कैलिफोर्निया में की थी। इसकी भारतीय इकाई जलवा डॉट कॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (बाद में जलवा मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) फरवरी में बनी और बाद में जुलाई में बरमूडा में एक तीसरी कंपनी बनी, पैराडाइज पेपर्स के इस खुलासे में अमिताभ की इस कंपनी को शामिल किया गया है। 

 

कई कंपनियों और हस्तियों के नाम हैं शामिल

ICIJ की रिपोर्ट में मंत्री, कारोबारी और फिल्मी हस्तियों के अलावा इसमें सन टीवी एयरसेट मैक्सिस केस, एस्सार लूप 2जी केस, एसएनसी लवलीन, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, जिक्वेस्टा हेल्थकेयर ( पहले सचिन पायलट और कार्ति चिदंबरम की स्वामित्व वाली) और वाइएसआर कांग्रेस चीफ जगन मोहन रेड्डी के नाम भी शामिल हैं।

भारत से फरार शराब कारोबारी विजय माल्या का भी नाम इस लिस्ट में शामिल हैं। इसके अलावा पैराडाइज पेपर्स के इस खुलासे में जिंदल स्टील, अपोलो टायर, हेवल्स, हिन्दुजा, ईएमआर एमजीएफ, वीडियोकॉन, हीरानंदानी ग्रुप और डीएस ग्रुप का नाम भी शामिल है।