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Coronavirus: आरबीआई ने रेपोरेट में की 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती, इन्हें मिलेगी राहत

Coronavirus: आरबीआई ने रेपोरेट में की 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती, इन्हें मिलेगी राहत

हाईलाइट

  • रेपोरेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती कर दी है
  • RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी
  • RBI ने रेपोरेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती की

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में आज कोरोनावायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है। वहीं देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषणा भी हो चुकी है। कोरोनावायरस का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कारोबार पर कोरोना के असर को देखते हुए आरबीआई ने आज रेपोरेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती कर दी है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार सुबह प्रेस कॉफ्रेंस में दी है।

आरबीआई ने में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है। रेपो रेट 5.15 से घटाकर 4.45 कर दिया है। रेपो रेट की यह कटौती आरबीआई इतिहास की सबसे बड़ी है। वहीं रिवर्स रेपो रेट में 90 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है। 

मतदान
दास ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट की वजह से इस बात की संभावना बढ़ रही है कि दुनिया का बड़ा हिस्सा मंदी की चपेट में आ जाए। उन्होंने बताया कि, 'मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में कटौती के पक्ष में जबकि दो ने विरोध में मतदान किया।'

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ब्याज और कर्ज 
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि सभी कमर्शियल बैंकों को ब्याज और कर्ज अदा करने में 3 महीने की छूट दी जा रही है। इस फैसले से 3.74 करोड़ रुपए की नकदी सिस्टम में आएगी। कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है, जिसके बाद यह 3 प्रतिशत हो गया है। यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है। 

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इन्हें मिलेगा लाभ
बता दें कि कोरोनावायरस से बचाव को लेकर देश में लॉकडाउन की ​स्थिति के बाद कारोबारियों पर इसका असर पड़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने रेपोरेट में कटौती की घोषणा की है। रेपोरेट में इस कटौती का लाभ होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की संभावना है।

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Raghubir singh March 27th, 2020 09:56 IST

pensioners ko bhe personal loan ki EMI ko bhe postpone kiya jave

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।