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देश के कई बाजार, होंगे पैदल यात्रियों के लिए तैयार

June 10th, 2020 21:31 IST
 देश के कई बाजार, होंगे पैदल यात्रियों के लिए तैयार

हाईलाइट

  • देश के कई बाजार, होंगे पैदल यात्रियों के लिए तैयार

नई दिल्ली, 10 जून आईएएनएस। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने देश के विभिन्न शहरों और नगरपालिका क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के अनुकूल बाजारों के लिए समग्र योजना की सिफारिश की है।

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक जानकारी जारी करते हुए कहा, कोविड-19 महामारी ने हमें लोगों के लिए सड़कों को लेकर फिर से कुछ नया करने का मौका दिया है। बाजारों को कोविड-19 से सुरक्षित और लोगों के अनुकूल बनाने के लिए भारतीय शहरों के बाजारों में पैदल मार्ग बनाने पर विचार करना आज के समय की आवश्यकता है।

आवास और शहरी कार्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने सभी राज्यों, शहरों, नगर निगमों को एक एडवाइजरी जारी की है। आवास और शहरी कार्य सचिव ने इस एडवाइजरी में कहा, दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को कम से कम तीन बाजारों और दस लाख से कम आबादी वाले शहरों को कम से कम एक बाजार का चयन करने के लिए सुझाव दिया गया है, जिनमें पैदल मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।

बाजार क्षेत्र के लिए समग्र योजना- पैदल यात्रियों के अनुकूल बाजार बनाने की योजना विक्रेताओं, नगरपालिका अधिकारियों, यातायात पुलिस, पार्किं ग सुविधा उपलब्ध कराने वालों, दुकान मालिकों और उपभोक्ताओं के परामर्श से बनाई जा सकती है।

मंत्रालय ने एक आधिकारिक जानकारी में कहा, इसके लिए वर्तमान परि²श्य में बाजार के लिए उपयोग की जाने वाली जगह की विभिन्न हितधारकों द्वारा समुचित सर्वेक्षण की आवश्यकता होगी। आवाजाही के लिए एक दिशा-निर्देशित योजना बनानी होगी, जिसमें यह देखना होगा कि पैदल चलने के लिए ऐसा उचित मार्ग बन सके जिस पर बाजार आने वाले लोग एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियम का पालन कर सकें। पेड़ों और अन्य हरियालियों को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए योजना बनाई जा सकती है।

बाजारों में पैदल यात्रियों के लिए मार्ग बनाने के लिए सिटी मार्केट स्पेस का चयन 30 जून, 2020 तक किया जा सकता है। हितधारकों के परामर्श से क्षेत्र के लिए समग्र योजना अगले 3 महीनों यानी 30 सितंबर, 2020 तक बनाई जा सकती है। विक्रेताओं और बाजार के अन्य उपयोगकर्ताओं का सर्वेक्षण 31 जुलाई, 2020 तक पूरा किया जा सकता है। सितंबर, 2020 के अंत तक कार्यान्वयन शुरू करने के लिए एक योजना को औपचारिक रूप दिया जा सकता है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।