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Fuel Price: पेट्रोल- डीजल की कीमत को लेकर जल्द तेल कंपनियां ले सकती हैं ये निर्णय, जानें आज के दाम

Fuel Price: पेट्रोल- डीजल की कीमत को लेकर जल्द तेल कंपनियां ले सकती हैं ये निर्णय, जानें आज के दाम

हाईलाइट

  • अनलॉक 1.0 में सड़क पर वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी
  • आज कंपनियों ने नहीं किया किसी तरह का बदलाव
  • पेट्रोल- डीजल की जल्द बढ़ सकती हैं कीमत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude oil) की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। यह तेजी तमाम देशों में लॉकडाउन के दौरान दी गई छूट के बाद अचानक आई है। दरअसल, लॉकडाउन में राहत के चलते सड़कों पर वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे पेट्रोल- डीजल (Petrol- diesel) की मांग में भी तेजी देखने को मिली है। बता दें कि भारत में भी अनलॉक 1.0 जून माह से शुरू हो गया है, जिससे यहां काफी राहत दी गई है।

बात करें देश में आज (शुक्रवार, 05 जून) पेट्रोल- डीजल के दाम की तो भारतीय तेल (Indian Oil) विपणन कंपनियों ने किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने आखिरी बार 16 मार्च को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव किया था। इसके बाद बीते 80 दिनों से इनकी कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है। 

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हालांकि लॉकडाउन 3 और 4 के दौरान राजस्व में कमी के चलते कई राज्यों ने वैट को बढ़ाया था। जिससे इन राज्योंं में तेल की कीमत में इजाफा हुआ था। वहीं 1 जून से  महाराष्ट्र सहित जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकारों ने वैट बढ़ा दिया है। जिससे यहां पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। 

अब ओपेक और सहयोगी देश 9 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीटिंग होने वाली है। जिसमें जुलाई या अगस्त से कच्चे तेल का उत्पादन 97 लाख बैरल रोजाना कटौती पर विचार किया जा रहा है। इसका सीधा असर भारत में भी देखने को मिलेगा। यानी कि पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ने का अनुमान इस मीटिंग से लगाया जा रहा है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमत...

पेट्रोल की कीमत
आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 71.26 रुपए प्रति लीटर है। वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में 01 जून से राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए वैट के चलते यहां पेट्रोल की कीमत 78.31 रुपए प्रति लीटर हो गई है। बात करें कोलकाता की तो यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 73.30 रुपए चुकाना होंगे। जबकि चैन्नई में आपकी जेब पर भार बढ़ा है, जहां आपको एक लीटर पेट्रोल के लिए 75.54 रुपए चुकाना होंगे।

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डीजल की कीमत
दिल्ली में डीजल 69.39 रुपए प्रति लीटर बेचा जा रहा है। वहीं मुंबई में 01 जून से डीजल की कीमत दो रुपए बढ़कर 68.21 रुपए प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता में आपको एक लीटर डीजल 65.62 रुपए में उपलब्ध होगा। जबकि चैन्नई में डीजल का भाव 68.22 रुपए प्रति लीटर हो गया है।

ऐसे तय होती है कीमत
विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन कर जारी करती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।