comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

श्रीलंका में देखने मिलेगा छत्तीसगढ़ी कोसा सिल्क का जलवा, बनारसी साड़ियों जैसी है मांग

श्रीलंका में देखने मिलेगा छत्तीसगढ़ी कोसा सिल्क का जलवा, बनारसी साड़ियों जैसी है मांग

हाईलाइट

  • अब कोसा सिल्क की साड़ियों में नजर आएंगी श्रीलंका की महिलाएं
  • श्रीलंका के सहकारिता विकास विभाग की प्रतिनिधियों को पसंद आई कोसा सिल्क साड़ियां
  • सहकारिता विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने इन साड़ियों को श्रीलंका पहुंचाने की इच्छा जताई

डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की कपड़ों में अलग ही पहचान है, अब यहां के कोसा सिल्क की साड़ियां आने वाले दिनों में श्रीलंका की महिलाओं के परिधान का भी हिस्सा बन जाएंगी, क्योंकि यहां के उत्पाद वहां के बाजारों में पहुंचने वाले हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ के हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ (बिलासा एम्पोरियम) और श्रीलंका के सहकारिता विकास विभाग के बीच करार हुआ है।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर, रायगढ़, बिलासपुर सहित कोरबा के कोसा सिल्क की मांग देश के विभिन्न हिस्सों में है। खास किस्म के इस कपड़े से बनने वाली साड़ी महिलाओं की पहली पसंद है। इस कपड़े की बुनाई तो आकर्षक होती ही है। साथ में इसकी चमक भी मनमोहक होती है। इन साड़ियों की ठीक वैसी ही मांग है जैसी बनारसी साड़ियों की होती है।

हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ बिलासा एम्पोरियम के अधिकारी बताते हैं कि, पिछले दिनों नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला में बिलासा एम्पोरियम ने भी स्टॉल लगाया। यहां की साड़ियां श्रीलंका से आए सहकारिता विकास विभाग की प्रतिनिधियों को पसंद आई और उन्होंने इन साड़ियों को अपने देश में भी पहुंचाने की इच्छा जताई।

छत्तीसगढ़ के हथकरघा विभाग की ओर से आईएएनएस को दी गई जानकारी के अनुसार, श्रीलंका के प्रतिनिधियों द्वारा कोसा सिल्क की साड़ियों के प्रति दिखाई गई रुचि का ही नतीजा है कि, अब यहां के हैंडलूम उत्पादों को लेकर समझौता किया है। इसके चलते यहां का उत्पाद श्रीलंका की राजधानी कोलंबों के बाजारों तक पहुंचेगा।

बताया गया है कि, दोनों संस्थाओं के बीच साझा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत आपसी व्यापार और व्यवसाय को सहयोग और बढ़ावा दिया जाएगा। यह समझौता दो सालों के लिए किया गया है।

दोनों संस्थाओं के बीच हुए करार के चलते दोनों देशों के बीच हैंडलूम उत्पादों के संबंध में व्यापार और व्यवसाय की रुचि को समझकर, तकनीकों का आदान-प्रदान किया जाएगा । साथ ही अनुभवों और उद्देश्यों को समझा जाएगा। दोनों देशों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने आइडिया और अनुभव एक दूसरे से साझा करें। दोनों ही एक दूसरे के साथ व्यापार और व्यवसाय को बढ़ावा देंगे और एक दूसरे को सुविधाएं प्रदान करेंगे। इस समझौते के बाद छत्तीसगढ़ और श्रीलंका के हैंडलूम उत्पाद आसानी से लोगों को अपने ही देशों में उपलब्ध हो सकेगा।

श्रीलंका के कोऑपरेटिव विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर नीलांगा डी सोमपाल ने छत्तीसगढ़ के अधिकारियों से चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ का कोसा सिल्क श्रीलंका में काफी पसंद किया जाता है। यहां के कोसा सिल्क में उच्च गुणवत्ता और महीन बुनकरी का काम होता है। वह बाजार में लोगों को काफी आकर्षित करता है।

उन्होंने ने बताया कि, श्रीलंका से आए ग्राहकों का रुझान छत्तीसगढ़ के टसर सिल्क, घीचा सिल्क, लिनेन की ओर काफी रहता है। आरी सिल्क और मटका टसर रेयर होने की वजह से श्रीलंका के लोग इसे काफी पसंद करते हैं।

हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ बिलासा एम्पोरियम के अधिकारी का कहना है कि, यहां से जाने वाले उत्पाद की कीमत क्या रहेगी, कितना उत्पाद भेजा जाएगा यह अभी तय नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोसा सिल्क अथवा अन्य उत्पादों में प्रयुक्त होने वाले धागे के दाम में बदलाव होता रहता है और श्रीलंका में पहनी जाने वाली साड़ी की लंबाई में भी अंतर होता है, इसलिए कीमत आने वाले समय के अनुसार तय हेाती रहेगी। हां इतना जरूर है कि, छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की साड़ी अब श्रीलंका की महिलाएं भी पहने नजर आएंगी।

कमेंट करें
EY7j6
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।