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वैश्विक बाजार में चीनी में आई तेजी से भारत के लिए खुले निर्यात के दरवाजे

October 12th, 2019 12:00 IST
 वैश्विक बाजार में चीनी में आई तेजी से भारत के लिए खुले निर्यात के दरवाजे

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीनी का वैश्विक भंडार कम होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बीते तीन महीने में सफेद चीनी के दाम में 15 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जिसके बाद भारत के लिए चीनी निर्यात का द्वार खुल गया है और निर्यात के नए सौदे भी होने लगे हैं। भारत इस समय सफेद चीनी का निर्यात कर रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में नए सीजन में गन्ने की पेराई शुरू होने पर कच्ची चीनी का भी निर्यात करेगा।

उद्योग संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार, एक अक्टूबर से शुरू हुए नए शुगर सीजन में अब तक तकरीबन दो लाख टन सफेद चीनी के निर्यात के सौदे हो चुके हैं। ये सौदे करीब 320-330 डॉलर प्रति टन के भाव (एफओबी) पर हुए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सफेद चीनी का भाव बीते तीन महीने में करीब 45 डॉलर प्रति टन यानी 15.25 फीसदी बढ़ा है। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईस्ीई पर 16 जुलाई को लंदन शुगर का वायदा भाव 295 डॉलर प्रति टन था, जबकि बीते सत्र में शुक्रवार को 339.90 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ।

एक आकलन के तौर पर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय मिलों को 340 डॉलर प्रति टन का भाव अगर मिला और भारत की करेंसी का मूल्य 71 रुपये प्रति डॉलर रहा तो एक टन चीनी निर्यात का मूल्य देसी करेंसी में 24,140 रुपये प्रति टन होगा और इसमें सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी 10,448 रुपये प्रति टन जोड़ने पर मिलों को एक टन चीनी निर्यात से 34,558 रुपये मिलेंगे, जो कि उनके लिए अनुकूल स्थिति हो सकती है, क्योंकि घरेलू बाजार में इस समय चीनी का एक्स-मिल रेट इससे कम ही है। सरकार ने चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

केंद्र सरकार चीनी निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए चालू शुगर सीजन 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) में कुल 60 चीनी के निर्यात पर 10,448 रुपये प्रति टन की दर से सब्सिडी देने की घोषणा की है।

इंडियन शुगर एक्जिम कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईजेक) के प्रबंध निदेशक व सीईओ अधीर झा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी का भाव अब उस स्तर पर आ गया है जब भारत की चीनी मिलों को निर्यात करने में कोई घाटा नहीं होगा। उन्होंने बताया नये सीजन का आरंभ होने के साथ निर्यात के सौदे भी होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के पास पिछले साल का बचा हुआ 145 लाख टन का स्टॉक है और आगे गन्ने की पेराई शुरू होने पर नये सीजन की कच्ची चीनी भी आ जाएगी, स्टॉक और बढ़ता ही जाएगा और घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बना रहेगा, इसलिए घरेलू मिलों के सामने ऊंचे भाव पर निर्यात के मौके होंगे। झा ने कहा कि नए सीजन में 60 लाख टन निर्यात का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन हो सकता है क्योंकि चीनी का वैश्विक भंडार कम होने से दाम ऊंचे रहे सकते हैं।

इंटरनेशनल शुगर ऑगेर्नाइजेश के आकलन के अनुसार दुनिया में इस साल खपत के मुकाबले चीनी का उत्पादन करीब 50 लाख टन कम है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने उत्पादन करीब 17.19 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है जबकि खपत 17.67 करीब टन रह सकता है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने बताया कि नये सीजन में अब तक करीब दो लाख टन चीनी निर्यात के सौदे हुए हैं और आने वाले दिनों में और सौदे हो सकते हैं क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भाव काफी ऊपर आ गया है। उन्होंने बताया कि भारत इस समय श्रीलंका, अफगानिस्तान, ईरान समेत अफ्रीकी देशों को चीनी निर्यात कर रहा है और आने वाले दिनों में निर्यात के और अवसर तलाश किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, अभी निर्यात के लिए हमारे पास काफी मात्रा में सफेद चीनी है। कच्ची चीनी भी गन्ने की पेराई शुरू होने पर अगले महीने में आ जाएगी। लेकिन कच्ची चीनी को हम ज्यादा दिनों तक रख नहीं सकते हैं, 15 दिनों के भीतर के भीतर उसे निकालना होता है, लेकिन कच्ची चीनी का भी निर्यात बढ़ सकता है, पिछले सीजन में हमने 38 लाख टन चीनी का निर्यात किया था जिसमें काफी मात्रा में कच्ची चीनी थी।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के अनुमान के अनुसार, पिछले सीजन 2018-18 में देश में 331.5 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जिसमें से 145 लाख टन बकाया स्टॉक है। उधर, एनफसीएसएफ ने चालू सीजन में 363 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है और 145 लाख कैरीफॉर्वर्ड स्टॉक के साथ 2019-20 में देश में चीनी की कुल सप्लाई 408 लाख टन होगी। देश में चीनी की सालाना खपत करीब 260 लाख टन है और निर्यात अगर 60 लाख टन होता है तो अगले सीजन के लिए चीनी का बचा हुआ स्टॉक 88 लाख टन होगा।

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।