दैनिक भास्कर हिंदी: Urban Cooperative Banks Fraud: शहरी सहकारी बैंकों 220 करोड़ रुपये की धोखाधाड़ी, 5 साल में 1,000 मामले: RBI

January 27th, 2020

हाईलाइट

  • पांच वित्त वर्ष में धोखाधड़ी से 220 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
  • इस दौरान, बैंकों में धोखाधड़ी के करीब 1,000 मामले हुए
  • RTI लगाने पर मिली जानकारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Urban cooperative banks (UCB) को पिछले पांच वित्त वर्ष में धोखाधड़ी से 220 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इस दौरान, बैंकों में धोखाधड़ी के करीब 1,000 मामले हुए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह जानकारी दी है। सूचना के अधिकार (RTI) का जवाब देते हुए RBI ने कहा कि 2018-19 के दौरान 127.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कुल 181 मामले सामने आए। बैंकों में 2017-18 में धोखाधाड़ी के 99 मामले (46.9 करोड़ रुपये) और 2016-17 में 27 मामलों (9.3 करोड़ रुपये) का पता चला। केन्द्रीय बैंक ने बताया कि 2015-16 में 17.3 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के 187 मामले बैंक को पता चले, जबकि 2014-15 के दौरान 19.8 करोड़ रुपये के इस तरह के 478 मामलों की जानकारी हुई। 

RTI के जवाब में कहा गया है कि 2014-15 और 2018-19 के दौरान शहरी सहकारी बैंकों में 221 करोड़ रुपये के कुल 972 धोखाधड़ी मामले दर्ज किए गए। रिजर्व बैंक के मुताबिक, बैंकों को आरबीआई को धोखाधड़ी के मामलों के बारे में जानकारी देना जरूरी होता है। बैंक के लिए यह जरूरी है कि वह कर्मचारियों की जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर गौर करे और आंतरिक प्रक्रिया के जरिये दोषी के खिलाफ कार्रवाई करे। 

केन्द्रीय बैंक ने इन मामलों पर कार्रवाई की जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि यह आंकड़े आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसमें कहा गया है कि देशभर के कुल 1,544 शहरी सहकारी बैंकों में 31 मार्च 2019 तक कुल 4.84 लाख करोड़ रुपये जमा थे। इनमें सबसे ज्यादा तीन लाख करोड़ रुपये महाराष्ट्र के 496 बैंकों में जमा हैं। इसी तरह, गुजरात में 55,102 करोड़ रुपये 219 शहरी सहकारी बैंकों में और कर्नाटक में 263 सहकारी बैंकों में 41,096 करोड़ रुपये जमा हैं।