Shiprocket: की मदद से क्षेत्रीय D2C ब्रांड्स बन रहे राष्ट्रीय खिलाड़ी

की मदद से क्षेत्रीय D2C ब्रांड्स बन रहे राष्ट्रीय खिलाड़ी
छोटे शहरों के MSMEs को मिल रहा डिजिटल और लॉजिस्टिक्स का मजबूत आधार

नई दिल्ली, मार्च 26: भारत में ई-कॉमर्स का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। अब यह केवल बड़े शहरों और बड़े मार्केटप्लेस तकसीमित नहीं रह गया है, बल्कि सूरत, लखनऊ, कोच्चि और रायपुर जैसे शहरों के छोटे और मझोले ब्रांड्स भी अपनीअलग पहचान बना रहे हैं। ये ब्रांड्स अपने वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से सीधे ग्राहकों तकपहुंच रहे हैं और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल को तेजी से अपना रहे हैं।

इस बदलाव के केंद्र में Shiprocket उभरकर सामने आया है, जो MSMEs के लिए एक अग्रणी ई-कॉमर्सएनेबलमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। Shiprocket एक एंड-टू-एंड, मर्चेंट-फर्स्ट और एपीआई-आधारितसमाधान प्रदान करता है, जो शिपिंग, फुलफिलमेंट, चेकआउट और पोस्ट-ऑर्डर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं को एक हीप्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।


उद्योग से जुड़े हालिया अध्ययनों के अनुसार, एमएसएमई पहले से ही देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देरहे हैं और आने वाले वर्षों में ऑनलाइन रिटेल ग्रोथ में उनकी भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। विशेष रूप से डी टूसी सेगमेंट पारंपरिक मार्केटप्लेस की तुलना में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें मेट्रो शहरों के बाहर के क्षेत्रों कायोगदान उल्लेखनीय है।

इन रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण भारत में ऑनलाइन उपभोक्ताओं की संख्या तेजीसे बढ़ रही है। महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं। साथ ही, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोशल और चैट कॉमर्स एक नए बाजार के रूप में उभर रहा है, जिसमें लोकल बुटीक, क्षेत्रीय फूड ब्रांड्स और किराना स्टोर्स सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि, एमएसएमई के सामने कई चुनौतियां भी हैं। उच्च शिपिंग लागत, विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर्स के बीचसमन्वय की कमी, मल्टीपल कूरियर पार्टनर्स और पेमेंट गेटवे का प्रबंधन, रिटर्न्स और रिकॉन्सिलिएशन की जटिलताये सभी समस्याएं छोटे व्यापारियों के लिए बाधा बनती हैं। इसके अलावा, अधिकांश छोटे व्यवसायों के पास अलगसे तकनीकी टीम रखने की क्षमता भी नहीं होती।

इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए Shiprocket ने एक सरल और प्रभावी समाधान विकसित किया है। इसकाप्लेटफॉर्म कई कूरियर पार्टनर्स को एक ही इंटरफेस में जोड़ता है, जिससे व्यापारी हर ऑर्डर के लिए कीमत, डिलीवरीसमय और रेटिंग की तुलना आसानी से कर सकते हैं। इसके फुलफिलमेंट सेंटर और यूनिफाइड कॉमर्स सिस्टमऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों को जोड़ते हैं, जिससे लोकल स्टोर का स्टॉक भी ऑनलाइन ऑर्डर पूरा कर सकताहै।

इसके अतिरिक्त, Shiprocket का क्रॉस-बॉर्डर समाधान भारतीय व्यापारियों को 100 से अधिक देशों में अपनेउत्पाद भेजने में सक्षम बनाता है। वहीं, वन-क्लिक चेकआउट सुविधा प्री-फिल्ड एड्रेस, मल्टीपल पेमेंट ऑप्शन औरफ्रॉड कंट्रोल के जरिए बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करती है, जिससे कन्वर्जन रेट में सुधार होता है और कार्ट छोड़ने कीसमस्या कम होती है।

इस तरह, सेलम की साड़ी ब्रांड से लेकर भोपाल के स्नैक मेकर तक, Shiprocket अब केवल एक सेवा प्रदाता नहींबल्कि एक रणनीतिक साझेदार बन चुका है। यह प्लेटफॉर्म क्षेत्रीय D2C ब्रांड्स को बिना बड़े निवेश के राष्ट्रीय औरवैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर प्रदान कर रहा है।

Created On :   27 March 2026 1:32 PM IST

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