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MP News: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बंद कमरे में 45 मिनट दिग्विजय से की चर्चा, मुख्यमंत्री को घेरने और स्लीपर सेल पर फोकस

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भोपाल में उनके सरकारी निवास पर मुलाकात की। सिंघार और दिग्विजय सिंह ने करीब 45 मिनट बंद कमरे में चर्चा की। माना जा रहा जिस तरह से कांग्रेस पार्टी में इस समय घटनाक्रम चल रहा है इसको लेकर यह चर्चा हुई है। विशेष रूप से कल कांग्रेस की बैठक में जिस तरह स्लीपर सेल का मुद्दा उठा है उस पर भी दिग्विजय और सिंघार के बीच बात हुई है।
कांग्रेस में नेताओं के बंद कमरे में बातचीत अब ज्यादा चर्चा का विषय बनता जा रहा है। हालांकि इसे सौजन्य भेंट बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से हाल ही में कांग्रेस में बयानबाजी और फिर स्पष्टीकरण का दौर चला है इससे बंद कमरे में चर्चा ने इसे मुद्दा बना दिया है। कांग्रेस नेताओं ने हमेशा एकजुट होकर लड़ाई की बात कही है, लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी की बात भी अब नई नहीं है।
दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार दोनो ने ही मुलाकात का वीडियो और फोटो शेयर किया है। हाल ही के कुछ दिनों में कांग्रेस नेताओं के बयान और फिर उस पर सफाई दी गई । बैठकों में दलाल और स्लीपर सेल का मुद्दा उठा। इन सबको लेकर एक बात तो साफ है कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। सवाल यह कि क्या फिर कांग्रेस गुटबाजी के दौर से गुजर रही है या फिर यह सब कयास लगाए जा रहे।
कांग्रेस आला कमान ने दिग्विजय सिंह को फटकार लगाई इसके बाद डेमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में दो दिन पहले जीतू पटवारी और दिग्विजय ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें दिग्विजय ने एक तरह से अपना स्पष्टीकरण दिया। बुधवार को सिंघार के साथ मीटिंग की। कांग्रेस आला कमान ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में जमीन घोटाले को एकजुट होकर प्रमुखता से उठाया जाए और सरकार पर आक्रामक रहें।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वाले मामले को लेकर दिग्विजय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि कैलाश विजयवर्गीय जी आपका दर्द व पीड़ा मैं समझ रहा हूँ। जो मोहन यादव जी आपके चरण छूता था वह अब आपके साथ यह व्यवहार कर रहा है। समय का फेर है। मेरी सहानुभूति आपके साथ है। वहीं पटवारी ने कहा यदि प्रदेश सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल कैलाश विजयवर्गीय को स्वयं यह लिखना पड़ रहा है कि उन्हें पिछले दो वर्षों से केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध मिला है, तो यह मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। इससे स्पष्ट है कि सरकार के भीतर न समन्वय है और न ही मुख्यमंत्री का अपने मंत्रियों एवं प्रशासन पर प्रभाव दिखाई देता है।
कांग्रेस 3 दिन रखेगी मौन, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से नाराज
उज्जैन में जमीन खरीदी के आरोप थम नहीं रहे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके परिवार पर मप्र कांग्रेस और तीखे वार कर रही है। हालांकि दिग्विजय व प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयानों कांग्रेस में भी आपसी मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस के आरोपों और जमीन खरीदी मामले को सोशल मीडिया पर उठाए जाने के बावजूद प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जगह नहीं मिलने पर प्रदेश कांग्रेस ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
संगठन प्रभारी महासचिव डॉ संजय कामले ने बुधवार को एक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के तथ्य आधारित आरोपों को ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान कवरेज नहीं दे रहा है। जबकि यह जन भावना के विषय है और जनता जानना चाहती है कि इस गंभीर विषय पर सही जानकारी जनता के सामने पेश की जाए। कामले ने पत्र जारी किया जिसमें आरोप लगाया कि जनहित और जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता देने के बजाय जनता का ध्यान अन्य मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे प्रदेश की जनता तक जरूरी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है।
कांग्रेस इसके विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए तीन दिन तक मौन सत्याग्रह करेगी। इस दौरान अधिकृत प्रेस वार्ताओं को छोड़कर प्रदेश कांग्रेस का कोई भी अधिकृत नेता, प्रवक्ता या प्रतिनिधि किसी भी टीवी डिबेट में हिस्सा नहीं लेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को व्यक्तिगत आधिकारिक बयान भी देने पर रोक लगा दी।
भाजपा ने कहा आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहाा कि दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच वर्चस्व की लड़ाई से कांग्रेस संगठन बिखर रहा है। जनता के मुद्दों पर नहीं, आपसी लड़ाई में उलझे हैं। इस खींचतान के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति है और संगठन दिशाहीन होता जा रहा है।
Created On :   2 July 2026 11:55 PM IST










