Bhopal News: एनजीटी ने सीवेज डायवर्जन और झील के आसपास नियम उल्लंघन पर 4 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

एनजीटी ने सीवेज डायवर्जन और झील के आसपास नियम उल्लंघन पर 4 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल नगर निगम , पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग और वन विभाग को झील में बिना ट्रीट किए सीवेज का पानी जाने, अनधिकृत निर्माण और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल नगर निगम , पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग और वन विभाग को झील में बिना ट्रीट किए सीवेज का पानी जाने, अनधिकृत निर्माण और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। एनजीटी ने 4 सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश गुरुवार को रशीद नूर खान की दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। अगली सुनवाई 21 दिसंबर को तय की गई है।

ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह का अनधिकृत निर्माण नहीं हो। साथ ही वेटलैंड्स (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 का सख्ती से पालन किया जाए। सुनवाई के दौरान बीएमसी ने ट्रिब्यूनल को बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज वाले नालों को रोकने और उनका रास्ता बदलने का काम चल रहा है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। याचिकाकर्ता ने झील क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण को लेकर चिंता जताई थी। बीएमसी का कहना था कि जो काम चल रहा है, वह पहले से मौजूद ढांचों की मरम्मत से जुड़ा है।

पेड़ काटने के एवज में कितना हुआ पौधरोपण, 4 सप्ताह में दें रिपोर्ट

ट्रिब्यूनल ने पेड़ों के तनों में छेद करके और उन पर केमिकल डालकर उन्हें सुखाए जाने पर भी संज्ञान लिया। ट्रिब्यूनल ने कहा पेड़ों की सुरक्षा करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने और अवैध रूप से काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी वन विभाग, बीएमसी और ट्री ऑफिसर की है। एनजीटी ने वन विभाग और बीएमसी को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इन विभागों को पेड़ों के नुकसान, काटने की अनुमति और भरपाई के लिए किए गए पौधारोपण का पूरा विवरण देने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिन विभागों ने पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद रिपोर्ट नहीं जमा की है उन्हें तय समय सीमा में रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।

Created On :   17 Oct 2026 1:15 AM IST

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