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Chandrapur News: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, 26 युवाओं से 2 करोड़ 17 लाख ऐंठे

Chandrapur News रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का चंद्रपुर पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक 26 युवाओं से कुल 2,17,35,000 रुपए ठगे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि पुलिस को आशंका है कि ठगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
रामनगर थाना पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, दाताला रोड निवासी फरियादी कौस्तुभ विलास आदेश (35) ने आरोप लगाया था कि बिनबा गेट निवासी मुजीबुर लतीफ कुरेशी (50), सिस्टर कॉलोनी निवासी रवींद्र संबा वाघमारे (45) और साईनगर गोधनी, नागपुर निवासी सुरेंद्र रामकृष्ण तेलंग (50) ने रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर उनसे और अन्य युवाओं से बड़ी रकम वसूली।
आरोपियों ने युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए उन्हें कोलकाता ले जाया, जहां एक होटल में ठहराया गया। इसके बाद अलग-अलग तथाकथित ट्रेनिंग संस्थानों में ले जाकर फर्जी प्रशिक्षण दिलाया गया और सर्टिफिकेट थमा दिए गए। इतना ही नहीं, युवाओं को नकली पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाणपत्र और फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए, जिससे उन्हें विश्वास हो जाए कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है। पुलिस ने 19 फरवरी को मामला दर्ज करने के बाद 3 अप्रैल को नागपुर निवासी आरोपी सुरेंद्र रामकृष्ण तेलंग को गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पहले पुलिस कस्टडी रिमांड और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ में ही ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। शुरुआती शिकायत में 15 युवाओं से 1,31,60,000 रुपये की ठगी सामने आई थी। लेकिन विस्तृत पूछताछ में यह संख्या बढ़कर 26 पीड़ितों और 2,17,35,000 रुपये तक पहुंच गई।
ये सभी युवक चंद्रपुर, नागपुर, भंडारा, गड़चिरोली और जलगांव जिलों से हैं। पुलिस अब चंद्रपुर के अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी है। इनमें से एक आरोपी ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। आर्थिक अपराध शाखा, चंद्रपुर ने अपील की है कि जिन युवाओं को इस गिरोह ने नौकरी के नाम पर ठगा है, वे अपने मूल दस्तावेजों के साथ शाखा से संपर्क करें, ताकि मामले की जांच को और मजबूत किया जा सके। पुलिस के अनुसार, यह संगठित ठगी का मामला है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
Created On :   21 April 2026 3:46 PM IST














