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Nagpur News: 1,585 करोड़ की लागत से हैदराबाद-नागपुर के बीच बिछेगी पाइपलाइन

Nagpur News हैदराबाद के चेर्लापल्ली से नागपुर तक एलपीजी कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए दोनों शहरों के बीच करीब 453 किलोमीटर लंबी एलपीजी पाइपलाइन बिछाने की योजना तैयार की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा योजना को विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में 1,585 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।
रूट प्लान: 3 जिलों से होकर नागपुर तक पहुंचेगी पाइपलाइन
पाइप लाइन हैदराबाद के करीब चेर्लापल्ली स्थित हिन्दुस्थान पेट्रोलियम के एलपीजी टर्मिनल से शुरू होकर वारंगल, चंद्रपुर होते हुए नागपुर तक आएगी। यह रूट दक्षिण और मध्य भारत के बीच सीधा एलपीजी कॉरिडोर तैयार करेगा। इस परियोजना के तहत हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के कुल 6 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स को सीधे पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। इसमें एचपीसीएल का नागपुर प्लांट भी शामिल है। पाइपलाइन की सालाना क्षमता लगभग 510 टीएमटी एलपीजी हैंडल करने की होगी।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति : चेर्लापल्ली देश का एक प्रमुख एलपीजी आयात और भंडारण केंद्र है। पाइपलाइन बनने से यहां से नागपुर और मध्य भारत के अन्य हिस्सों तक एलपीजी की सप्लाई आसान हो जाएगी। अभी टैंकरों के जरिए लंबी दूरी तक एलपीजी पहुंचाई जाती है, जिसमें समय और खर्च दोनों ज्यादा लगते हैं। पाइपलाइन आने से यह प्रक्रिया तेज और किफायती होगी। इससे गैस की ढुलाई के लिए सड़क पर चलने वाले भारी टैंकरों की संख्या कम होगी। लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
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अगले साल होगी शुरू : यह परियोजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड की उस बड़ी योजना का हिस्सा है। जिसके तहत 2030 तक देश में थोक घरेलू गैस को सड़क मार्ग बजाए सीधा पाइपलाइन के जरिए परिवहन करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकता है। पूरा होने में लगभग 1.5 से 2 साल का समय लगेगा। ऐसे में परियोजना के 2028-29 तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति : चेर्लापल्ली देश का एक प्रमुख एलपीजी आयात और भंडारण केंद्र है। पाइपलाइन बनने से यहां से नागपुर और मध्य भारत के अन्य हिस्सों तक एलपीजी की सप्लाई आसान हो जाएगी। अभी टैंकरों के जरिए लंबी दूरी तक एलपीजी पहुंचाई जाती है, जिसमें समय और खर्च दोनों ज्यादा लगते हैं। पाइपलाइन आने से यह प्रक्रिया तेज और किफायती होगी। इससे गैस की ढुलाई के लिए सड़क पर चलने वाले भारी टैंकरों की संख्या कम होगी। लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
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Created On :   21 April 2026 12:30 PM IST












