Nagpur News: एनजीओ की आड़ में घिनौना खेल ,धर्मान्तरण रैकेट ऑपरेट करने का भी आरोप

एनजीओ की आड़ में घिनौना खेल ,धर्मान्तरण रैकेट ऑपरेट करने का भी आरोप
  • अमेरिका और बेंगलुरु से मिलता था चंदा
  • विश्व हिंदू परिषद ने खोला मोर्चा, एसआईटी जांच की मांग

Nagpur News मानकापुर क्षेत्र में सामाजिक सेवा के नाम पर संचालित ‘यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी’ अब विवादों के घेरे में है। संस्था के संस्थापक रियाज काजी को चार युवतियों की शिकायत के बाद मानकापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस खुलासे के बाद सामाजिक संगठनों की कार्यप्रणाली और उनकी विदेशी फंडिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रियाज काजी पर कथित तौर पर धर्मान्तरण के लिए पीड़ित युवतियों पर दबाव बनाने का आरोप भी लग रहा है लेकिन पुलिस ने ऐसे किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है। आरोपी फिलहाल 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में है।

काफी संगीन आरोप हैं : सेवा के इस चमकते चेहरे के पीछे का अंधेरा तब सामने आया जब चार युवतियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों से छेड़छाड़, अश्लील हरकत और मानसिक उत्पीड़न, बदनाम करने और जान से मारने जैसे संगीन आरोप हैं। आरोप है कि, काजी युवतियों पर अपने धार्मिक विचार थोपने का प्रयास करता था।

फंडिंग और ‘मिशन’ का नेटवर्क : सूत्रों के अनुसार रियाज काजी की संस्था को अमेरिका की संस्था ‘द स्माइल ट्रेंड फाउंडेशन’ और बेंगलुरु की ‘चिरंतना ट्रस्ट’ से बड़े पैमाने पर ग्लोबल फंड प्राप्त होता था। इसी आर्थिक शक्ति के दम पर उसने 2018 में ‘पढ़ें हम, पढ़ाएं हम’ नामक अभियान शुरू किया। काजी का दावा था कि, वह झोपड़पट्टियों में शिक्षा, होंठ-तालू की सर्जरी और एचआईवी पीड़ितों की मदद करता है। संस्था ने करीब 175 मरीजों के ऑपरेशन का खर्च उठाने का दावा किया, जिसके लिए उसे कई मंचों पर सराहा भी गया। काजी ने खुद एक कॉलेज कार्यक्रम में स्वीकार किया था कि, उसे इन कार्यों के लिए विदेश से फंडिंग मिलती है।

संस्था से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को विहिप पदाधिकारियों ने पुलिस उपायुक्त परिमंडल-2 नित्यानंद झा को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और संस्था से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

फर्जी इंस्टाग्राम से रखता था नजर : काजी पर आरोप है कि, वह अपनी संस्था में काम करने वाली युवतियों पर धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए दबाव डालता था और उनकी निजी जिंदगी में दखल देता था। जांच में यह भी सामने आया कि, जुलाई 2024 में एक युवती के साथ उसने जन्मदिन की शुभकामनाओं के बहाने जबरदस्ती नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की थी। विरोध करने पर वह युवती का लगातार पीछा करता रहा, उसे केबिन में अकेले बुलाना और मानसिक दबाव बनाना जैसे कृत्य करता रहा। पीड़िताओं के अनुसार, संस्था में कार्यरत अधिकांश युवतियां हिंदू समुदाय से हैं, जिन पर काजी रमजान के दौरान रोजा रखने और नियमित नमाज पढ़ने के लिए लगातार दबाव बनाता था। मामले का एक चौंकाने वाला पहलू यह भी सामने आया है कि, काजी ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर महिला कर्मचारियों पर नजर रखी। इन अकाउंट्स के जरिए वह उनकी गतिविधियों की निगरानी करता था और बाद में उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।

बैंक खातों की होगी जांच : मानकापुर के वरिष्ठ थानेदार हरीश कालसेकर के नेतृत्व में जांच जारी है। पुलिस अब रियाज की संस्था के पंजीकरण और सदर स्थित बैंक खाते की बारीकी से छानबीन करेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, विदेशी फंड का असली स्रोत क्या था और क्या इन पैसों का इस्तेमाल किसी अनैतिक कार्य के लिए किया जा रहा था।

सवालों के घेरे में सिस्टम - क्या यह केवल व्यक्तिगत अपराध है या इसके पीछे कोई सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण नेटवर्क काम कर रहा है? पुलिस की आगामी जांच ही इस 'घिनौने खेल' की पूरी सच्चाई उजागर करेगी।


Created On :   21 April 2026 1:23 PM IST

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