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बड़ामलहरा न्यूज: महाराजा कॉलेज बचाओ आंदोलन में नौ दिवसीय शिक्षा संकल्प कार्यक्रम का होगा आयोजन

डिजिटल डेस्क बड़ामलहरा/जिला मुख्यालयछतरपुर में ऐतिहासिक महाराजा महाविद्यालय की स्वतंत्र शैक्षणिक पहचान पुनः बहाल कराने के लिए चलाए जा रहे महाराजा महाविद्यालय बचाओ संघर्ष अभियान के अंतर्गत महाराजा कॉलेज तिराहे पर स्थित पंडाल में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों से प्रेरित नौ दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
संघर्ष समिति की अगुवाई कर रहीं पूर्व छात्रा दीप्ति पांडेय ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल महाराजा कॉलेज की पुनर्स्थापना की माँग उठाना ही नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व, विद्यार्थियों के अधिकार, युवा शक्ति, नारी सम्मान और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति जनजागरण करना भी है। माँ दुर्गा के स्वरूपों को शिक्षा-शक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
नौ दिनों में
प्रथम दिवस – माँ शैलपुत्री: शिक्षा संकल्प दिवस
महाराजा कॉलेज की ऐतिहासिक पहचान बचाने और शिक्षा के अधिकार की रक्षा का संकल्प।
द्वितीय दिवस – माँ ब्रह्मचारिणी: विद्यार्थी प्रतिभा दिवस
विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षा, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य पर केंद्रित कार्यक्रम।
तृतीय दिवस – माँ चंद्रघंटा: युवा हुंकार दिवस
युवाओं की भागीदारी के साथ महाराजा कॉलेज की पुनर्स्थापना के लिए जनजागरण।
चतुर्थ दिवस – माँ कूष्मांडा: ज्ञान ज्योति दिवस
शिक्षा के प्रकाश, ज्ञान और शैक्षणिक संस्थानों के संरक्षण का संदेश।
पंचम दिवस – माँ स्कंदमाता: मातृशक्ति सम्मान दिवस
माताओं और महिलाओं की भागीदारी के साथ शिक्षा एवं बच्चों के भविष्य पर संवाद।
षष्ठम दिवस – माँ कात्यायनी: नारी शक्ति एवं अधिकार दिवस
महिला सशक्तीकरण, अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता।
सप्तम दिवस – माँ कालरात्रि: शिक्षा बचाओ, अन्याय मिटाओ दिवस
शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जनसंवाद।
अष्टम दिवस – माँ महागौरी: जनसमर्थन एवं संवाद दिवस
बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, पूर्व विद्यार्थियों और आम नागरिकों से संवाद कर अभियान को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का प्रयास।
नवम दिवस – माँ सिद्धिदात्री: शिक्षा संकल्प एवं जनएकता दिवस
महाराजा कॉलेज की स्वतंत्र पहचान बहाल कराने के संकल्प को दोहराते हुए सामूहिक जनभागीदारी और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
दीप्ति पांडेय ने कहा कि महाराजा महाविद्यालय छतरपुर की ऐतिहासिक और शैक्षणिक धरोहर है। इसकी स्वतंत्र पहचान की बहाली विद्यार्थियों के हित और क्षेत्र की शैक्षणिक गरिमा से जुड़ा विषय है। यह अभियान किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि छतरपुर की शिक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का अभियान है।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, मातृशक्ति, युवाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और नागरिकों से अपील की कि वे इस जनअभियान में सहभागी बनकर “महाराजा कॉलेज वापस दो” की माँग को मजबूत करें।
Created On :   11 Oct 2026 7:22 PM IST












