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Chhindwara News: सरकारी शादी का टेंडर सस्पेक्टेड, दो रुपए में नाश्ता, एक रुपए में चाय,टैंकर का पिलाया पानी, विवाद के बाद अफसर बैकफुट में

Chhindwara News: अमरवाड़ा में बुधवार को हुई सरकारी शादी अब विवादों में हैं। वजह...यहां टेंडर के बाद बारातियों और घरातियों को परोसा गया नाश्ता और चाय है। शादी समारोह के बाद गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए तो रेट लिस्ट भी सामने आई। जिसमें दो रुपए में नाश्ता और एक रुपए में दे दी गई। इतने कम दाम का बवाल जब जनपद पंचायत से लेकर नगर पालिका में मचा तो अधिकारी बैकफुट में हैं। सफाई दे रहे हैं कि सब नियमों के मुताबिक हुआ है।
अमरवाड़ा के मंडी परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में बुधवार को १६९ जोड़ों ने विवाह रचाया। भाजपा के कद्दावर नेताओं की उपस्थिति में हुए इस समारोह की व्यवस्था अब सवालों के घेरे में हैं। अधिकारियों ने जिस रेट लिस्ट के आधार पर ये टेंडर दिया है। वो खुद यहां के जनप्रतिनिधि भी नहीं पचा पा रहे हैं। सिवनी की फर्म को यहां खाने के साथ-साथ डेकोरेशन का टेंडर दिया गया था। जिसमें मौजूद दर में नाश्ता दो रुपए, चाय एक रुपए, ठंडा पानी एक रुपए लीटर, जबकि सीलिंग का रेट ८ रुपए के हिसाब से लगाया गया है। इससे भी मजेदार बात ये हैं कि सिवनी की फर्म ने सिवनी से अमरवाड़ा पहुंचाकर ३ रुपए में पर्दे और ३० रुपए में कुर्सी चार्ज की। इतने कम रेट में आए टेंडर के बाद शक हुआ तो मौके पर मौजूद लोगों ने जांच की और पाया कि शादी समारोह के पूरे आयोजन में ही गोलमाल है।
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ऐसे समझिए...क्या हुआ
१.नाश्ता: अमरवाड़ा आदिवासी क्षेत्र है। हर्रई और अमरवाड़ा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग आए थे। जिसमें नाश्ते के नाम पर एक-एक चम्मच पोहा दिया गया।
२.चाय: एक रुपए की चाय कैसी होगी? इसका अंदाजा आप भी लगा सकते हैं। चाय के नाम पर खानापूर्ति की गई। कोई कहने वाला नहीं था कि सरकारी शादी में उन्होंने चाय पी है।
३.पानी: नियमों के मुताबिक ठंडा पानी यहां आने वाले आगंतुकों को देना था। नेताओं और अफसरों को ठंडा पानी दिया गया, लेकिन दूरदराज से आए ग्रामीणों को टैंकरों का गरम पानी पिला दिया गया।
ज्यादातर आदिवासी जोड़े, उनके ही परिवार से छल
शादी समारोह में जिनकी शादियां हुई वे ज्यादातर आदिवासी जोड़े थे, लेकिन वोट बैंक समझने वाले नेताओं को उनकी ही सुध नहीं थी। यहां आए लोग खाने,नाश्ते और शुद्ध पानी को तरस गए। जनप्रतिनिधि आए नाचे और अफसरों की वाहवाही करके लौट गए। यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं पर किसी ने आवाज नहीं उठाई।
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यहां पूरा खेल होता है आंकड़ों का
सरकारी शादियों में पूरा खेल आंकड़ों का होता है। भले ही इन शादियों में ५ हजार लोग आए, लेकिन बिल १५ हजार लोगों का निकलता है। यही वजह है कि सप्लायर औने-पौने दामों में भी टेंडर लेने को उतारु होते हैं। शादी के बाद बिल अफसर और ठेकेदार की मर्जी से बनते हंै। जिसमे शीर्ष नेताओं का भी हिस्सा शामिल होता है। यही वजह है कि सब चुप रहकर इस बड़े घोटाले को होने देते हैं।
इनका कहना है...
- इतने कम पैसे में चाय नाश्ता कहां मिल रहा है। हमें भी बता दो हम अपने जनपद क्षेत्र के लोगों को भी रोज वहीं भिजवा देंगे। गरीबों को भी दो-चार रुपए मेें नाश्ता मिल जाएगा।
मंतलाल परतेती,
जनपद सदस्य, अमरवाड़ा
- जो सामूहिक विवाह हुआ है उस संदर्भ में कोई भी परामर्श सदस्यों से नहीं लिया गया। जिस राशि से टेंडर स्वीकृत हुआ है। उतनी दरों में आपूर्ति किया जाना संभव नहीं है।
योगेश यादव
जनपद सदस्य, सिंगोड़ी
- आइटम बार जिस बेंडर को पानी और नाश्ते के टेंडर के लिए एल-१ पोर्टल पर अधिकृत किया गया था। उस संबंधित फर्म ने एग्रीमेंट नहीं किया। जिसके बाद दूसरे बेंडर को भोजन व नाश्ते का टेंडर दिया गया था।
जयदेव शर्मा
सीईओ जनपद पंचायत, अमरवाड़ा
Created On :   14 May 2026 2:53 PM IST












