छिंदवाड़ा न्यूज: पालकों के कांधों पर बैठकर पार करनी पड़ रही नदी, तब जाकर स्कूल पहुंच पा रहे नौनिहाल

पालकों के कांधों पर बैठकर पार करनी पड़ रही नदी, तब जाकर स्कूल पहुंच पा रहे नौनिहाल
तेज बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा /परासिया| शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों के साथ लीखावाड़ी पंचायत के पालकों को भी रोज परीक्षा देनी पड़ती है। अपने बच्चे स्कूल जा सके। इसलिए माता-पिता रोज बच्चोंं को बहती नदी से कांधे पर बिठाकर स्कूल पहुंचाते हैं। तेज बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं। ये हालात परासिया विकासखंड के तहत आने वाली पंचायत लीखावाड़ी का है। परासिया-तामिया हाईवे पर मौजूद ग्राम पंचायत बेलगांव से दरबई मार्ग में स्थित लीखावाड़ी गांव की दूरी तीन किलोमीटर है। लीखावाड़ी से नदी ढाना की दूरी एक किलोमीटर के आसपास है।

पेंच नदी के किनारे स्थित इस गांव में ज्यादातर आदिवासी और ओबीसी समाज के लोग निवास करते हैं। स्थानीय ग्रामीण दिलीप यदुवंशी और संतोष यदुवंशी कहते हैं कि कुछ बच्चों को लीखावाड़ी स्कूल जाने के लिए खेतों के पगडं्डी से जाना पड़ता है। जहां पर जहरीले सांप- बिच्छु के डर के साथ बच्चे रास्ता पार करते हैं, वहीं कुछ बच्चें नदी पार कर समीपस्त पंचायत जाटाछापर के स्कूल पहुंचते हैं। बच्चे सुरक्षित स्कूल आना जाना कर ले, यह जिम्मेदारी उनके पालक उठाते हैं, बच्चे सुरक्षित स्कूल तक पहुंच जाए। इसलिए बच्चों की जिम्मेदारी अभिभावकों की रहती है।

इनका कहना है...

लीखावाड़ी से नदी ढाना तक पक्की सडक़ बनाना प्रस्तावित है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य करवाएं जाएंगे।

-अरूण यदुवंशी, जिला पंचायत सदस्य


Created On :   20 Sept 2026 2:36 PM IST

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