Gadchiroli News: सिर्फ दो तहसीलें नहीं, पूरे गडचिरोली जिले को सूखाग्रस्त घोषित करें

Gadchiroli News राज्य सरकार ने बारिश की अनियमितता के चलते राज्य की 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है, लेकिन गड़चिरोली जिले की केवल गड़चिरोली और चामोर्शी तहसीलों को ही इसमें शामिल किया गया। जबकि जिले की शेष तहसीलों में बारिश की अनियमितता और फसल संकट से किसान जूझ रहे हैं। इसलिए सिर्फ दो तहसीलें नहीं, पूरे गड़चिरोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग पूर्व विधायक डा. रामकृष्ण मडावी ने पत्र परिषद में की।
डॉ. मडावी ने कहा कि जिले में दो-दो पालकमंत्री हैं और इनमें से एक स्वयं मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद केवल दो तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करना किसानों के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश में देरी और लंबे अंतराल के कारण धान की रोपाई पहले ही प्रभावित हुई है। अब फसल को पानी की जरूरत के समय बारिश थमने से उत्पादन घटने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि, 2025-26 में सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे 2026-27 के लिए बढ़ाकर 2,441 रुपये किया गया। यानी केवल 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर खाद, मजदूरी, डीजल और कीटनाशकों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य कृषि मूल्य आयोग ने धान के लिए 6,453 रुपये प्रति क्विंटल की सिफारिश की थी, लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र को इससे कम 4,641 रुपये की सिफारिश भेजी। स्थिति को देखते हुए पात्र किसानों को तत्काल राहत देने और पूरे गड़चिरोली जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग डा. मडावी ने की है।
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