Gondia News: गोंदिया जिले में भू-जलस्तर 12 सेमी नीचे खिसका, गर्मियों में जलसंकट

गोंदिया जिले में भू-जलस्तर 12 सेमी नीचे खिसका, गर्मियों में जलसंकट
  • सामान्य बारिश के बावजूद कई क्षेत्रों में भू-जलस्तर में गिरावट
  • जिले में सितंबर तक 1,136.2 मिमी बारिश, औसत वर्षा का 95.2% कोटा पूरा
  • नए बोरवेल पर अस्थायी रोक, आपात स्थिति में विशेष अनुमति का प्रावधान

Gondia News जिले में इस वर्ष जल संरक्षण को लेकर चिंताजनक रिपोर्ट सामने आयी है। अाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गोंदिया जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष भू-जलस्तर औसतन 12 सेंमी नीचे खिसक गया है। जिससे आशंका जताई गई कि ग्रीष्मकाल के दौरान अनेक ग्रामों में जलसंकट निर्माण होगा। हालांकि पेयजल के गंभीर संकट को देखते हुए आवश्यक व आपातकालीन स्थानों पर बोरवेल खोदने के लिए विशेष अनुमति देने का प्रावधान भी किया जाएगा।

बता दें कि गोंदिया जिले में सितंबर के अंत तक 1136.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जिले में इस वर्ष सामान्य की तुलना में 95.2 फीसदी बारिश का कोटा पूर्ण हुआ है। इसके बावजूद भी अनेक स्थानों पर अल्प बारिश होने से ग्रीष्मकाल में जल संकट गहराने की प्रबल आशंका है। शासन ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इसी दौरान जल संरक्षण को लेकर चिंताजनक रिपोर्ट भी सामने आयी है। बताया गया है कि वर्ष 2025 की तुलना में भू-जलस्तर औसतन 12 से.मी. नीचे खिसक गया है, जो जिलेवासियों के लिए चिंता का विषय है।

शासन ने उपरोक्त समस्या को देखते हुए नए बोरवेल खोदने पर अस्थायी रोक लगा दी है। बिना पूर्व अनुमति बोरवेल खोदने वाले पर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं। लेकिन पेयजल के गंभीर संकट को देखते हुए आवश्यक और आपातकालीन स्थानों पर बोरवेल खोदने के लिए विशेष अनुमति देने का प्रावधान भी किया गया है। उपरोक्त समस्या को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि ग्रीष्मकाल के दौरान अनेक ग्रामों में जलसंकट की गंभीर समस्या निर्माण होगी। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए अभी से ही जल संवर्धन के लिए काम करना शुरू कर दिया है।

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