Jabalpur News: गायब हो गया पांच हजार क्विंटल गेहूं सैकड़ों किसानों का भुगतान भी अटका

गायब हो गया पांच हजार क्विंटल गेहूं सैकड़ों किसानों का भुगतान भी अटका
मझौली के अन्नपूर्णा वेयर हाउस परिसर में गेहूं उपार्जन के दौरान हुई गड़बड़ी

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मझौली क्षेत्र के पिपरिया ग्राम स्थित अन्नपूर्णा वेयर हाउस परिसर में संचालित भूमि ग्राम संगठन समिति में गेहूं उपार्जन के दौरान पांच हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में गेहूं गायब होने के मामले में सैकड़ों किसानों का भुगतान अधर में लटक गया है। इन किसानों काे करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए का भुगतान होना है, मगर अब यह जल्द होना संभव नजर नहीं आ रहा।

गेहूं घोटाला मामले में प्रशासन की ओर से समिति अध्यक्ष, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो इस महिला संगठन की समिति को पर्दे के पीछे से संचालित कर रहे थे और जिनके द्वारा गड़बड़ी का पूरा खेल भी खेला गया।

अब वे किसान परेशान हो रहे हैं जिन्होंने वेयर हाउस तक अनाज तो पहुंचाया, मगर पर्ची इनके नाम की कटने की बजाय समिति का संचालन कर रहे लोगों ने किसी और के नाम से काट दी है।

जब पोर्टल पर नाम ही दर्ज नहीं तो फिर भुगतान कैसे

सूत्र बताते हैं कि अन्नपूर्णा वेयर हाउस परिसर में उपार्जन के दौरान जब किसानों द्वारा गेहूं लाया गया तो उन्हें उतनी मात्रा में गेहूं आने की पर्ची तो दी गई, मगर उनके नाम से उतनी मात्रा में अनाज शासकीय पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया। इसके पीछे यही खेल बताया जा रहा है कि जो लोग इस महिला समिति की आड़ में समिति का संचालन कर रहे थे, उन्होंने इन किसानों का गेहूं या तो अपने नाम से दर्ज कराया या अधिकांश मात्रा में अपने परिचित किसानों के नाम से पोर्टल पर दर्ज करा लिया है।

जब इन सैकड़ों किसानों का अनाज पोर्टल पर दर्ज ही नहीं हुआ है, तो फिर उन्हें भुगतान कैसे संभव हो पाएगा। वहीं जिन लोगों के नाम से फर्जी तरीके से गेहूं पोर्टल पर दर्ज किया गया है उन्हें भुगतान भी हो गया।

परेड कराने से हो सकता है खुलासा: जानकारों का कहना है कि वेयर हाउस मैदान में समिति की ओर से कैमरे लगाए गए हैं। जिन किसानों ने गेहूं बेचा उनकी और जिन्हें भुगतान हुआ है उनकी शिनाख्त परेड कराई जाए, तो इस बात का खुलासा हो सकता है कि वास्तविक रूप से किसे राशि का भुगतान होना चाहिए, क्योंकि गेहूं बेचने आए किसान कैमरे में जरूर कैद हुए होंगे।

एफआईआर के बाद मामले में चुप्पी: वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा इस घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामले से चुप्पी साध ली गई है। न तो इस मामले में आगे किसी प्रकार की जांच की जा रही है और न ही एफआईआर में शामिल लोगों का ही कुछ पता लगाया जा रहा है।

Created On :   13 Jun 2026 6:17 PM IST

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