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Jabalpur News: अपार आईडी बनाने में फिसड्डी हो रहा जबलपुर
डिजिटल डेस्क,जबलपुर। विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की अपार आईडी यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री का निर्माण एवं सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है।
यह कार्य वैसे तो पिछले सत्र से ही चल रहा है, लेकिन अभी तक इसमें जबलपुर जिला बुरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है। 55 जिलों में हमारा 50वां नम्बर आया है। जिले के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं में से अभी भी करीब डेढ़ लाख बच्चों की आईडी नहीं बन पाई है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को एक विशिष्ट डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने की दिशा में अपार आईडी को महत्व दिया जा रहा है।
यह आईडी विद्यार्थियों के सम्पूर्ण शैक्षणिक जीवन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करती है, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाें, परीक्षा परिणाम, अंकसूचियाें, प्रमाण-पत्र एवं अन्य उपलब्धियों का सुरक्षित डिजिटल डाटा एकत्र हो सकेगा। इसके लिए हर स्कूल में 30 जून तक मेगा अपार दिवस मनाया जा रहा है और वहां शिविर लगाकर बच्चों की आईडी तैयार की जा रही है।
बहुत से हैं फायदे
अपार आईडी में विद्यार्थियों का सम्पूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा, विद्यालय या संस्थान परिवर्तन की स्थिति में अभिलेखों के हस्तांतरण में सुविधा होगी, अंकसूची, प्रमाण-पत्र एवं परीक्षा परिणामों का डिजिटल संरक्षण सुनिश्चित होगा। इससे छात्रवृत्ति, प्रवेश एवं अन्य शैक्षणिक योजनाओं में त्वरित सत्यापन संभव होगा।
4 लाख 12 हजार बच्चों की बननी है आईडी
बताया जाता है कि जिले में कुल 4 लाख 12 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनकी आईडी बननी है। अभी तक की कवायद के बाद भी 1 लाख 36 हजार 962 बच्चों की आईडी नहीं बन पाई है।
Created On :   13 Jun 2026 6:00 PM IST












